एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने 5 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। रवि बेबी सहाना और प्राची पांडे स्टैंडिंग कैटेगरी में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं, जबकि भाविना पटेल, सोनलबेन पटेल और जहान मदान ने भी कांस्य पदक हासिल किए।
जापान के नागोया में खेले जा रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया है। भारत ने टेबल टेनिस इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 कांस्य पदक अपने नाम किए। इसके साथ ही भारत ने एशियन पैरा गेम्स के इतिहास में टेबल टेनिस में अपने पिछले मेडल टैली के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस ऐतिहासिक सफलता में रवि बेबी सहाना और प्राची पांडे का प्रदर्शन सबसे खास रहा, जिन्होंने स्टैंडिंग कैटेगरी में भारत को पहला पदक दिलाया।
सहाना और प्राची ने स्टैंडिंग कैटेगरी में रचा इतिहास
तमिलनाडु की रवि बेबी सहाना और प्राची पांडे एशियन पैरा गेम्स में पैरा टेबल टेनिस की स्टैंडिंग कैटेगरी में पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। क्लास 9 के सेमीफाइनल मुकाबले में सहाना को चीन की 5 बार की पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट माओ जिंगडियन के खिलाफ 8-11, 2-11, 4-11 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, क्लास 6 के सेमीफाइनल में प्राची पांडे इराक की मौजूदा पैरालंपिक चैंपियन नजला अल-दाय्येनी से 9-11, 2-11, 8-11 से हार गईं और दोनों खिलाड़ियों ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
भाविना पटेल और सोनलबेन पटेल ने भी जीता कांस्य पदक
पैरालंपिक पदक विजेता भाविना पटेल ने विमेंस सिंगल्स क्लास 4-5 के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी, जहां उन्हें चीन की 8 बार की पैरालंपिक चैंपियन झांग बियान ने 7-11, 5-11, 7-11 से हराया। भाविना का एशियन पैरा गेम्स में यह लगातार दूसरा कांस्य पदक है। दूसरी ओर, क्लास 3 सेमीफाइनल में सोनलबेन पटेल को दक्षिण कोरिया की डिफेंडिंग चैंपियन जियू यून ने 7-11, 5-11, 6-11 से शिकस्त दी और सोनलबेन को भी ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।
जहान मदान ने क्लास 1 में दिलाया भारत को पांचवां मेडल
पुरुषों की सिंगल्स क्लास 1 स्पर्धा (व्हीलचेयर कैटेगरी) में जहान मदान ने पांच खिलाड़ियों के राउंड-रॉबिन चरण में चौथा स्थान हासिल कर भारत की झोली में पांचवां ब्रॉन्ज मेडल डाला। पांचों भारतीय खिलाड़ियों ने पैरालंपिक दिग्गजों के खिलाफ कड़ा मुकाबला पेश किया और भारत के लिए यह एशियन पैरा गेम्स में टेबल टेनिस का सबसे सफल अभियान साबित हुआ है।

