भजनपुरा में कारोबारी के घर फायरिंग के मामले में दिल्ली पुलिस ने एनकाउंटर के बाद दो कथित शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों ने 12 राउंड फायर किए, जवाब में 16 राउंड चले। दोनों के पैर में गोली लगी और हथियार बरामद हुए।
नई दिल्ली: भजनपुरा में 2 अक्टूबर तड़के कारोबारी के घर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने वाले दो शूटर एनकाउंटर के बाद दबोचे गए हैं। दावा है कि 5 अक्टूबर तड़के सरेंडर के लिए कहा गया तो दोनों ने पुलिस पर 12 राउंड फायर कर दिए। बुलेटप्रूफ जैकेट होने से पुलिसवाले बच गए। जवाब में पुलिस ने 16 राउंड फायर किए। आरोपी वेलकम निवासी जासिम उर्फ आलू (23) और कैफ उर्फ डीजे (23) के पैरों में गोलियां लगीं और दोनों को दबोच लिया गया। इनसे तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 18 कारतूस और बिना नंबर प्लेट की बाइक जब्त की गई।
जॉइंट सीपी (ईस्टर्न रेंज) मिलिंद महादेव डुंबरे के मुताबिक, नॉर्थ घोंडा के सुभाष विहार निवासी कारोबारी के घर पर 2 अक्टूबर तड़के 2:43 बजे स्कूटर सवार दो बदमाशों ने फायरिंग की। भजनपुरा थाने में हत्या का प्रयास समेत कई धाराओं में केस दर्ज हुआ। पता चला कि कारोबारी को दुबई बेस्ड गैंगस्टर राशिद केबलवाला कुछ महीने से रंगदारी के कॉल्स कर रहा था। डीसीपी राहुल अलवाल के निर्देश पर एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा और अरविंद कुमार की देखरेख में स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर अरविंद कुमार की टीम शूटरों की तलाश में जुटी।
यमुनापार के ‘अंडरवर्ल्ड’ का बेताज बादशाह
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राशिद यमुनापार के ‘अंडरवर्ल्ड’ का बेताज बादशाह बन चुका है। गैंग सरगना हाशिम बाबा तिहाड़ में बंद है, जबकि विरोधी गैंगस्टर इरफान उर्फ छेनू पहलवान यूएपीए और अब्दुल नासिर मकोका के तहत तिहाड़ में है। विदेश में बैठे राशिद को अब तक फाइनेंस करने वाले और पीड़ितों की मांडवाली करवाने वाले शाहदरा के सट्टा ऑपरेटर्स जेल चले गए हैं। अब वो रकम के लिए नॉर्थ ईस्ट जिले के कारोबारियों को टारगेट कर रहा है। वेलकम के ‘अंजान’ लड़कों को पिस्टल और पैसे का लालच देकर फायरिंग करवा रहा है।
काबू नहीं हो पा रहा राशिद केबलवाला
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, राशिद पहली बार 2013 में छेनू के गुरु अकील मामा के मर्डर में अरेस्ट हुआ। बाबा-राशिद तब नासिर गैंग में थे। वह 2017 में छेनू गैंग के दो गुर्गों के मर्डर के बाद दुबई भाग गया। भारत आया तो नवंबर 2018 में पकड़ा गया। बेल पर आया। नासिर पर 2019 में मकोका नामजद हुआ। स्पेशल सेल ने 2020 में अरेस्ट किया। 2022 में परोल पर बाहर आया। समीर नाम से पासपोर्ट बना फिर विदेश भागा। 2019 के अलावा स्पेशल सेल और गोकुलपुरी थाने में दर्ज दो अन्य मकोका में भी वो वॉन्टेड है। विदेश से वो फर्श बाजार में 31 अक्टूबर 2024 की रात आकाश शर्मा उर्फ छोटू और उसके भतीजे ऋषभ के डबल मर्डर समेत कई सनसनीखेज वारदात करवा चुका है।

