दिल्ली में साइबर ठगों द्वारा कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी की फर्जी आईडी बनाकर अकाउंटेंट से 50 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है, जिसमें IFSO यूनिट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रकम होल्ड कराकर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
नई दिल्ली: साइबर ठगों ने एक कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी की पहचान और फोटो का इस्तेमाल कर कॉलेज के अकाउंटेंट से SO लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने अकाउंटेंट को मेसेज के जरिए तुरंत रुपये ट्रांसफर करने को कहा था, जिसके बाद पीड़ित ने रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। शिकायत पर दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने कार्रवाई करते हुए ठगी की पूरी रकम बैंक खाते में होल्ड कराई और केस दर्ज होने के महज दो दिन के भीतर मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया।
एजुकेशनल सोसायटी के सेक्रेटरी ने दी थी शिकायत
इस मामले में एक एजुकेशनल सोसायटी के सेक्रेटरी ने शिकायत दी थी। यह सोसायटी नरेला में एक कॉलेज का संचालन करती है। शिकायत के आधार पर 27 अक्टूबर को स्पेशल सेल की IFSO यूनिट में ई-एफआईआर दर्ज की गई। जांच में पता चला कि ठगी की रकम एक बैंक में M/s N.S. Traders के नाम से संचालित खाते में ट्रांसफर की गई थी।
आरोपी की हुई पहचान
IFSO की टीम ने बैंक खाते की जांच कर उसके मालिक और प्रोपराइटर की पहचान गाजियाबाद के लोनी निवासी नौशाद (33) के रूप में की। पुलिस ने 29 अक्टूबर को उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान आरोपी ने वारदात में अन्य लोगों की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी है। यह कार्रवाई डीसीपी IFSO गौरव त्यागी, ACP मनोज कुमार मिश्रा की निगरानी में की गई।
क्या है बॉस स्कैम, कैसे बचें ?
बॉस स्कैम में साइबर ठग किसी संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी का नाम और फोटो इस्तेमाल कर कर्मचारियों को निशाना बनाते हैं। खुद को बॉस बताकर कर्मचारी को वट्सऐप पर जल्द से जल्द पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश देते हैं।

