महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे एक कपल ने अपने लगभग एक महीने के शिशु को 1.2 लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद उस बच्चे को हैदराबाद ले जाए जाने से पहले कई बार अलग-अलग लोगों को बेचा गया। पुलिस ने इस बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक कपल ने अपने एक महीने के बच्चे को 1.20 लाख रुपये में बेच दिया और उससे मिले पैसों से दो ब्रांडेड स्मार्टफोन और 62,000 रुपये की सोने की ज्वेलरी खरीदी। पुलिस ने बताया कि असली माता-पिता के बच्चे को बेचने के बाद उसके हैदराबाद में मिलने से पहले वह कई लोगों के हाथों से गुजरा। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे बच्चा बिचौलियों के बीच आगे बढ़ता गया। उसकी कीमत बढ़कर 3.5 लाख रुपये हो गई।
कब सामने आया मामला, कितने अरेस्ट?
24 सितंबर को सामने आए इस बच्चा-बिक्री मामले की गहन जांच के बाद पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें बच्चे के असली माता-पिता और एक अंतर-राज्यीय रैकेट के सदस्य शामिल हैं, जिन्होंने बच्चे की तस्करी करके उसे हैदराबाद पहुंचाया था। पुलिस ने हैदराबाद से बच्चे को सुरक्षित बचा लिया है और बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार उसे एक संस्था को सौंप दिया है।
अरेस्ट होने वाले कौन?
आरोपियों में मुख्य बिचौलियों के तौर पर कौशल्या पवार और उनकी बेटी सीमा रेशवाल (दोनों पास्थिशी, छत्रपति संभाजीनगर की निवासी) की पहचान की गई है। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में संगीता अव्हाड (35, पडगांव निवासी), गुंटुका संगीता, सुरेश राजाराम गुंटुका (44, जगतियाल, तेलंगाना निवासी), जो खुद को डॉक्टर बताते थे और उमा गंगाधर खटकामे (42, तालागाड, हैदराबाद निवासी) शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला?
जांच अधिकारी हरेश्वर घुगे के अनुसार, एक कपल अपने पिछले साथियों से अलग हो चुका था और दो साल से लिव-इन रिलेशनशिप में था। उनके घर 5 जुलाई को एक बेटे का जन्म हुआ। शराब की लत और संवेदनहीनता के कारण कपल ने बच्चे को बेच दिया। कौशल्या पवार ने अपनी बेटी सीमा रेशवाल के साथ मिलकर सौदा पक्का किया और 7 अगस्त को 1.20 लाख रुपये नकद देकर बच्चे को अपनी कस्टडी में ले लिया।
48 घंटों के भीतर चार बार बिका बच्चा
इसके बाद सीमा ने बच्चे को अपनी रिश्तेदार संगीता अव्हाड को 2.70 लाख रुपये में बेच दिया। फिर संगीता ने नांदेड़ की यात्रा की और सुरेश गुंटुका (जो डॉक्टर बनकर पेश आया था) के माध्यम से हैदराबाद में उमा खटकामे नाम की महिला को बच्चा 3.50 लाख रुपये में बेच दिया। 48 घंटों के भीतर बच्चा चार लोगों के हाथों से गुजरते हुए तेलंगाना पहुंच गया।
किसको मिला कितना मुनाफा?
जांच अधिकारी हरेश्वर घुगे ने बताया कि 1.5 लाख रुपये के मुनाफे में से कौशल्या ने 1.1 लाख रुपये अपने पास रखे, जबकि सीमा को 40,000 रुपये मिले। कहा जा रहा है कि उन्होंने इस पैसे का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने के लिए किया। इस बीच सुरेश ने हैदराबाद में एक महिला रिश्तेदार को बच्चा सौंप दिया। अधिकारी ने बताया कि उसने 3.5 लाख रुपये लिए क्योंकि वह बस एक बिचौलिए की भूमिका निभाना चाहता था। कपड़ों का कारोबार करने वाली वह महिला बच्चे के लिए बहुत बेताब थी, क्योंकि इलाज के बावजूद वह गर्भवती नहीं हो पा रही थी।
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस ने बताया कि महिला बच्चे को बहुत स्नेह करने लगी। घुगे ने कहा कि उसने बच्चा पाने के लिए बस गलत रास्ता चुना। जब यह पूछा गया कि क्या आरोपी ऐसे ही दूसरे मामलों में भी शामिल थे, तो घुगे ने कहा कि इस मामले से जुड़ी कोई और कड़ी नहीं हैं, और हमें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे किसी आरोपी का संबंध ऐसे ही दूसरे मामलों से जुड़ता हो। उन्होंने कहा कि फिलहाल बच्चे को छत्रपति संभाजीनगर के एक अनाथालय में रखा गया है और जिला बाल कल्याण समिति आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला करेगी।

