स्ट्रीटलाइट और एलईडी सप्लाई टेंडर घोटाले पर एसीबी की सख्त नजर
पालिका के बड़े दिग्गजों की संलिप्तता से सूरत के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में मचा हड़कंप
सूरत : सूरत महानगर पालिका (SMC) एक बार फिर बड़े भ्रष्टाचार के दलदल में फंसती नजर आ रही है। सूरत मनपा के 5 उच्च पदस्थ क्लास-1 (Class-1) अधिकारियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पालिका में स्ट्रीटलाइट और एलईडी (LED) सप्लाई से जुड़े विवादित टेंडर्स और घपले के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इन सभी पांचों अधिकारियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने के लिए आधिकारिक तौर पर मंजूरी मांग ली है। इस बड़े खुलासे के बाद से सूरत के प्रशासनिक अमले में भारी भगदड़ और खलबली मच गई है।
क्या है पूरा घोटाला?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सूरत मनपा द्वारा शहर में स्ट्रीटलाइट लगाने और एलईडी सप्लाई करने के लिए जो टेंडर जारी किए गए थे, उनमें नियमों को ताक पर रखकर लाखों-करोड़ों रुपए की धांधली किए जाने की गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। इस मामले में एसीबी (ACB) द्वारा की गई शुरुआती जांच के बाद इन पांचों उच्च अधिकारियों की भूमिका बेहद संदिग्ध पाई गई है। इस भ्रष्टाचार की जड़ें कहां तक फैली हैं, इसका पर्दाफाश करने के लिए एसीबी ने अब गहराई से जांच शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है।
किन अधिकारियों पर लटकी तलवार?
एसीबी के रडार पर आए इन पांचों अधिकारियों में सूरत मनपा के कई महत्वपूर्ण पदों पर बैठे भ्रष्ट क्लास-1 अधिकारी शामिल हैं। इससे पहले भी पालिका के कुछ इंजीनियर और अधिकारी भ्रष्टाचार के मामलों में एसीबी के हत्थे चढ़ चुके हैं, लेकिन इस ताज़ा खुलासे ने पालिका की पारदर्शी प्रशासनिक छवि पर एक बार फिर बड़ा दाग लगा दिया है।
मंजूरी मिलते ही होंगे बड़े खुलासे!
नियमानुसार किसी भी सरकारी या मनपा अधिकारी के खिलाफ सीधे जांच या कार्रवाई से पहले सक्षम प्राधिकारी या नगर आयुक्त से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। एसीबी द्वारा अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजे जाने के बाद अब पालिका के भीतरखाने में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या प्रशासन इन भ्रष्ट अधिकारियों को बचाएगा या फिर एसीबी को खुली छूट देकर निष्पक्ष जांच होने देगा? यदि मंजूरी की मुहर लग जाती है, तो आने वाले दिनों में सूरत मनपा के इन पांचों बड़े अधिकारियों की पूछताछ और गिरफ्तारी का दौर शुरू हो सकता है, जिससे कई और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की पूरी संभावना है।

