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गुजरात के पावर सेंटर्स पर आतंकी साया? खानपुर और कमलम BJP कार्यालय सहित सोमनाथ मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी से हिला प्रशासन!

गांधीनगर सेंट्रल इंटेलिजेंस ब्यूरो को मिले रहस्यमयी ई-मेल से मचा हड़कंप, आईपी एड्रेस के आधार पर जांच शुरू
सुबह 9 बजे आए मेल के बाद पुलिस, बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड का काफिला तुरंत हरकत में आया

अहमदाबाद/गांधीनगर : गुजरात के राजनीतिक और धार्मिक केंद्रों को निशाना बनाने की एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है। राज्य के पावर सेंटर्स कहे जाने वाले अहमदाबाद के ऐतिहासिक खानपुर स्थित बीजेपी कार्यालय और गांधीनगर के कोबा स्थित कमलम (BJP कार्यालय) के साथ-साथ पवित्र सोमनाथ मंदिर को उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में भारी भगदड़ मच गई है। इस सनसनीखेज धमकी के मिलते ही सुरक्षा तंत्र पूरी तरह अलर्ट हो गया है।

कब और कैसे मिली धमकी?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गांधीनगर स्थित सेंट्रल इंटेलिजेंस ब्यूरो (CIB) को सुबह ठीक 9:00 बजे एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ था। इस ई-मेल में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि अहमदाबाद के खानपुर स्थित भाजपा कार्यालय, गांधीनगर के कोबा स्थित कमलम कार्यालय और विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में बम रखा गया है। मेल मिलते ही सेंट्रल इंटेलिजेंस ब्यूरो ने त्वरित कदम उठाते हुए अहमदाबाद और गांधीनगर के स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस के उच्च अधिकारियों को इस मामले की गंभीरता से जानकारी दी।

पुलिस, बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड द्वारा सघन जांच

धमकी की सूचना मिलते ही अहमदाबाद और गांधीनगर की पुलिस व्यवस्था हाई अलर्ट पर आ गई। तत्काल प्रभाव से स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) और डॉग स्क्वाड की टीमें खानपुर और कमलम कार्यालय पहुंच गईं। दोनों मुख्य कार्यालयों में चप्पे-चप्पे पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। घंटों चली इस बारीकी से की गई जांच के बाद राहत की सांस ली गई, क्योंकि जांच के दौरान किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ।

पुख्ता पुलिस बंदोबस्त और आईपी एड्रेस से जांच का दौर

कोई भी अप्रिय घटना न घटे, इसके लिए दोनों भाजपा कार्यालयों पर फिलहाल कड़ा पुलिस बंदोबस्त तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों और साइबर क्राइम की टीमों ने इस धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले और उसके ठिकाने का पता लगाने के लिए ई-मेल के आईपी एड्रेस (IP Address) के आधार पर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। झूठी अफवाह फैलाने वाले या इस तरह की धमकी देने वाले असामाजिक तत्वों को दबोचने के लिए पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है।

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