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बनासकांठा में पीएम नेशनल एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट स्कीम में 17 करोड़ का मूंगफली बीज घोटाला?

सरकार के ‘बड़े लोगों’ पर उंगलियां उठीं!

करोड़ों रुपये की 40,610 क्विंटल मूंगफली बीज सब्सिडी में भ्रष्टाचार!
ग्राम सेवकों का वेरिफिकेशन गायब, डीडीओ और एग्रीकल्चर ऑफिसर की रिपोर्ट दबाने का गंभीर आरोप

कृषि मंत्रालय चुप क्यों है? महानगर मेट्रो के 5 सीधे और कड़े सवाल!

पालनपुर / बनासकांठा। सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं कि राज्य के बॉर्डर और किसान-प्रधान बनासकांठा जिले में ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’ के नाम पर करोड़ों रुपये का बड़ा बीज सब्सिडी घोटाला किया गया है। बनासकांठा में मूंगफली उगाने वाले गरीब किसानों के नाम पर सरकारी खजाने में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की जानकारी सामने आई है, जिससे पूरे राज्य की राजनीति और एग्रीकल्चर सेक्टर में हलचल मच गई है। राज्य सरकार ने बनासकांठा जिले में मूंगफली उगाने वाले किसानों को ज़्यादा से ज़्यादा 2 हेक्टेयर तक 40 रूपये प्रति किलोग्राम की मदद देने का ऐलान किया था। लेकिन, किसानों तक यह मदद पहुंचने से पहले ही कोऑपरेटिव और अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये हड़पने के गंभीर आरोप लगे हैं।

40,610 क्विंटल बीज गायब? कैसे हुआ घोटाला?

मिली चौंकाने वाली जानकारी के मुताबिक, दावा किया गया था कि जिले में कोऑपरेटिव के ज़रिए 40,610 क्विंटल मूंगफली के बीज बांटे गए। लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है:

बिना ग्राउंड वेरिफिकेशन के सिर्फ़ कागज़ों पर बांटना: नियम के मुताबिक, ग्राम सेवकों को किसानों के खेतों में जाकर वेरिफिकेशन करना होता है। लेकिन कई ग्राम सेवकों ने इस भ्रष्टाचार की बू आने पर साइन करने या वेरिफिकेशन करने से साफ़ मना कर दिया!

अधिकारियों की रिपोर्ट दबाई गई: लोकल ज़िला कृषि अधिकारी ने राज्य सरकार को एक जांच रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें कहा गया था कि मूंगफली के बीज की सब्सिडी में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। लेकिन आरोप है कि गांधीनगर में बैठे मालिकों ने इस रिपोर्ट को दबा दिया। कोऑपरेटिव और कंपनियों की मिलीभगत: बीज किस कंपनी से खरीदे गए और वह क्वांटिटी असल में ज़िले तक पहुंची या नहीं, इस बारे में एक बड़ा राज़ है।

महानगर मेट्रो के कृषि मंत्रालय से 5 खतरनाक और सीधे सवाल:

जिन लोगों ने यह घोटाला करके किसानों के हक पर डाका डाला है, उनके खिलाफ महानगर मेट्रो राज्य के कृषि मंत्रालय से ये साफ जवाब मांगता है:

  1. क्वांटिटी की असलियत: राज्य सरकार ने बनासकांठा के किसानों के लिए ज़िला कृषि अधिकारी को कितनी क्वांटिटी में मूंगफली के बीज फिजिकली दिए और असल में कितनी क्वांटिटी वहां पहुंची?
  2. बेनिफिशियरी की लिस्ट: राज्य सरकार ने अब तक बनासकांठा के कितने किसानों को मदद के तौर पर पैसे दिए हैं और कुल कितनी रकम दी है?
  3. खरीद का हिसाब: सरकार ने किस कोऑपरेटिव संस्था से, किस प्राइवेट या सरकारी कंपनी से, किस कीमत पर और उस संस्था ने कितनी क्वांटिटी में मूंगफली के बीज खरीदे? 4. बैंक ट्रांसफर के आंकड़े: जिला कृषि अधिकारी के ऑफिस ने अब तक कितने किसानों के डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) अकाउंट में कितने पैसे जमा किए हैं?
  4. खेती का एरिया: बनासकांठा जिले में असल में कितने हेक्टेयर मूंगफली की खेती रजिस्टर्ड है और इसके बदले कितनी बीज सब्सिडी निकाली गई है?
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