डभोई। क्षेत्र में हाल ही में दर्ज हुई मात्र 23 मिलीमीटर (लगभग 1 इंच) जितनी सामान्य बारिश ने डभोई नगर पालिका प्रशासनिक तंत्र की मानसून-पूर्व योजना और बड़े-बड़े दावे करने वाले कार्यों की पोल खोल दी है। मात्र 1 इंच बारिश होते ही नगर के मुख्य माने जाने वाले महुडी भागोल के बाहर और राणा के भोजनालय के आसपास की सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है। तंत्र की कागजी कार्रवाई के कारण आज स्थानीय निवासी और व्यापारी नरक जैसी स्थिति भुगतने को मजबूर हो गए हैं।
पानी उतरने में लगते हैं 4 से 5 दिन: महामारी के डर के बीच जनता त्राहिमाम
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी के लिए उचित नाली या जल निकासी व्यवस्था ही नहीं है। परिणामस्वरूप, जब भी सामान्य बारिश होती है, तब दिनों तक पानी भरा रहता है। बारिश रुकने के बाद भी 4 से 5 दिनों तक पानी न उतरने से पूरा इलाका टापू में तब्दील हो जाता है। गंदा और दूषित पानी जमा रहने के कारण मच्छरों का प्रकोप चरम सीमा पर पहुंच गया है, जिसके कारण डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी जमा पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा लोगों के सिर पर मंडरा रहा है।
व्यापारियों का व्यापार-रोजगार ठप: आर्थिक झटके से व्यापारियों में रोष
राणा के भोजनालय के पास स्थित मुख्य बाजार और दुकानों के बाहर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से ग्राहकों ने इस तरफ आना ही बंद कर दिया है। परिणामस्वरूप स्थानीय व्यापारियों का व्यापार-रोजगार पूरी तरह से ठप हो गया है। भारी किराया और कर चुकाने वाले व्यापारियों को आए दिन बड़ा आर्थिक नुकसान सहना पड़ रहा है। इसके अलावा, गहरे पानी से गुजरते समय कई वाहन चालकों के वाहन बंद पड़ जाने और फिसल जाने की घटनाएं भी रोजाना की बात हो गई हैं।
नगर पालिका की कुंभकर्णी नींद का उग्र विरोध: स्थायी समाधान की तेज मांग
डभोई नगर पालिका में इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के निवासियों और व्यापारी मंडल द्वारा कई बार लिखित तथा मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं। फिर भी, तंत्र के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। स्थानीय प्रशासनिक तंत्र की इस घोर उदासीनता और लापरवाही के खिलाफ नगरवासियों में भारी आक्रोश फैल गया है। जनता एक स्वर में मांग कर रही है कि नगर पालिका तंत्र अपनी कुंभकर्णी नींद से जागे और दिखावटी मानसून-पूर्व कार्य दिखाने के बजाय पानी की निकासी के लिए तत्काल प्रभाव से कोई स्थायी और ठोस नाली या जल निकासी व्यवस्था का निर्माण करे।

