खेड़ा/गलतेश्वर। तहसील पंचायत की ग्रांट काटकर पंचायतों को सीधे आवंटित करने के सरकार के फैसले के खिलाफ भारी विरोध: “वार्षिक ₹3 लाख की ग्रांट देकर सरकार ने हमारा मजाक उड़ाया, 5 साल बाद लोगों को क्या मुंह दिखाएंगे?” – ईश्वरसिंह परमार गुजरात सरकार द्वारा तहसील पंचायतों की ग्रांट में कटौती करके ग्रांट सीधे ग्राम पंचायतों को आवंटित करने का जो फैसला लिया गया है, उसके खिलाफ अब सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के अंदर से ही भारी विरोध और असंतोष का विस्फोट हुआ है!
खेड़ा जिले की गलतेश्वर तहसील पंचायत के भाजपा के ही चुने हुए सदस्य ईश्वरसिंह परमार ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ खुलेआम बगावत का बिगुल फूंककर अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनकी इस फेसबुक पोस्ट ने भाजपा की आंतरिक राजनीति में बड़ा भूकंप ला दिया है। ईश्वरसिंह परमार ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सरकार के इस फैसले को गंभीर अन्याय बताते हुए लिखा है कि: सदस्यों के साथ मजाक: तहसील पंचायत के सदस्य को सालाना केवल ₹3 लाख की ग्रांट मिलती है। साल में ₹3 लाख में कौन सा बड़ा विकास कार्य पूरा किया जा सकता है? सरकार को तहसील पंचायत के प्रतिनिधियों के साथ इस तरह का मजाक नहीं करना चाहिए। जनता के बीच जाने का डर: 5 साल के अंत में केवल ₹15 लाख का काम करके लोकतंत्र में जनता के सामने किस मुंह से वोट मांगने जाएं और लोगों को क्या मुंह दिखाएं?
पूरे गुजरात के सदस्यों के साथ अन्याय: ग्रांट काटकर सीधे पंचायतों को देने के फैसले से सिर्फ गलतेश्वर ही नहीं, बल्कि पूरे गुजरात की सभी तहसील पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधि अन्याय का शिकार हुए हैं। ईश्वरसिंह परमार ने केवल विरोध जताकर रुकने का नाम नहीं लिया है, बल्कि इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि आने वाले दिनों में गुजरात की सभी तहसील पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कार्यकारिणी अध्यक्ष, न्याय समिति के अध्यक्ष और सदस्यों को एक मंच पर इकट्ठा किया जाएगा। इन सभी चुने हुए प्रतिनिधियों की एक मजबूत टीम बनाकर सीधे मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर जोरदार ज्ञापन सौंपा जाएगा। अपनी ही पार्टी के चुने हुए प्रतिनिधि द्वारा सरकार के फैसले के खिलाफ इस तरह से सार्वजनिक विरोध दर्ज कराने से खेड़ा जिला भाजपा संगठन और गांधीनगर के राजनीतिक गलियारों में सन्नाटा छा गया है। अब देखना यह होगा कि ईश्वरसिंह परमार के इस झंडे तले गुजरात की अन्य तहसील पंचायतों के भाजपा के कौन-कौन से चुने हुए सदस्य गांधीनगर तक उनके साथ जुड़ते हैं। महानगर मेट्रो न्यूज इस ग्रांट विवाद और तहसील पंचायतों की राजनीति पर लगातार नजर बनाए रखेगा!

