लोकेशन: गांधीनगर, गुजरात / कैलगरी, कनाडा : विदेश की धरती पर अपनी मेहनत से नाम कमा रहे भारतीय और दक्षिण एशियाई समुदाय के लिए कनाडा से अत्यंत चौंकाने वाले और चिंताजनक समाचार सामने आए हैं। कनाडा के कैलगरी शहर में दक्षिण एशियाई समुदाय के धनी और प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे जबरन वसूली और धमकियों के काले कारोबार का पुलिस ने बड़ा पर्दाफाश किया है। इस चौंकाने वाले मामले में भारतीय मूल के युवक-युवतियों की सीधी संलिप्तता सामने आने से पूरे प्रवासी भारतीय समुदाय में खलबली मच गई है।
कैलगरी पुलिस द्वारा की गई गहन जांच में सामने आया है कि मार्च महीने में एक चौंकाने वाली घटना घटी थी। एक पीड़िता का पूरा नाम, रहने का पता और उसके परिवार के सदस्यों की सभी गुप्त जानकारियां प्राप्त करके व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकियां दी गईं। व्यापारी और परिवार से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगी गई। इतना ही नहीं, पैदा किए गए भय को सच साबित करने के लिए पीड़िता के घर के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी भी की गई।
पुलिस जांच में सामने आए मुख्य सूत्रधार और उनकी भूमिकाएं इस प्रकार हैं:
कनुरित कौर (आयु 23 वर्ष): भारतीय मूल की इस युवती पर पीड़ितों की व्यक्तिगत जानकारी, पते और परिवार की गुप्त सूचनाएं अपराधियों तक पहुंचाने और लीक करने का गंभीर आरोप है।
17 वर्षीय नाबालिग: इस आपराधिक तंत्र में नाबालिग किशोर का भी उपयोग किया गया था, जिस पर धमकी भरे संदेश भेजने के लिए तकनीकी सहायता और सुविधा प्रदान करने का आरोप है।
तनवीर सिंह (आयु 21 वर्ष): इस घटना में शामिल 21 वर्षीय तनवीर सिंह वर्तमान में पुलिस की पकड़ से दूर फरार है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस ने चारों तरफ जाल बिछाया है।
कैलगरी पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से अब तक दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाने वाली जबरन वसूली और गोलीबारी की 51 से अधिक घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। इस संगठित अपराध को रोकने के लिए पुलिस ने अब तक 19 अपराधियों के विरुद्ध कुल 59 गंभीर मामले दर्ज करके कार्रवाई की है।
कनाडा जैसे विकसित देश में पढ़ने और कमाने जाने वाले भारतीय मूल के युवा किस प्रकार कम समय में अमीर बनने के लालच में अंतरराष्ट्रीय अपराध तंत्र और रंगदारी वसूलने वाले गिरोहों के हाथों की कठपुतली बन रहे हैं, यह एक बड़ा सवाल है। विदेश में देश का नाम रोशन करने के बजाय ऐसे आपराधिक कृत्य करके पूरे समुदाय और देश को बदनाम करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग उठ रही है।

