अहमदाबाद शहर के दक्षिणी क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति सुधारने और नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने के लिए नारोल पुलिस ने बड़ा धमाका किया है। महंगी स्कार्पियो गाड़ी में खांसी की दवा के नाम पर नशीली दवा की खेप घुसाने का बड़ा काला कारोबार पकड़े जाने से असामाजिक तत्वों में भय का माहौल व्याप्त हो गया है।
अहमदाबाद। सूचना के आधार पर निगरानी रखकर पुलिस ने 26.15 लाख रुपए का माल जब्त किया है। नारोल पुलिस के दल को सटीक और गुप्त सूचना मिली थी कि एक स्कार्पियो गाड़ी में अवैध खांसी की दवा की बड़ी खेप शहर में लाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी करके स्कार्पियो गाड़ी को रोक लिया।
गाड़ी की तलाशी लेने पर अंदर से नशीले तत्वों वाली खांसी की दवा की 1798 बोतलें मिलीं। जब्त की गई खांसी की दवा की कीमत और काले कारोबार में इस्तेमाल की गई स्कार्पियो गाड़ी को मिलाकर पुलिस ने कुल 26.15 लाख रुपए से अधिक का माल कब्जे में लिया है।
नवाजहुसैन और सरवर पठान जेल की सलाखों के पीछे हैं और इन दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से ही दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली है जिनके नाम नवाजहुसैन शेख और सरवर पठान हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पकड़े गए दोनों आरोपी पक्के अपराधी हैं और अतीत में भी असामाजिक तथा अवैध गतिविधियों से जुड़ा उनका आपराधिक इतिहास रहा है। युवाओं को नशे के रास्ते पर धकेलकर
अपनी जेबें भरने का यह जाल कितने समय से चल रहा था, इसकी अब गहन पूछताछ शुरू कर दी गई है।
महानगर मेट्रो के तीखे सवाल हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीली खांसी की दवा की खेप कहां से लाई गई थी और अहमदाबाद के किन-किन इलाकों में इसकी आपूर्ति की जानी थी? क्या खांसी की दवा के इस काले कारोबार के पीछे किसी बड़े चिकित्सा या दवा माफिया की संलिप्तता है? नारोल पुलिस के इस सफल कार्य से नशे के सौदागरों की कमर टूट गई है, लेकिन महानगर मेट्रो समाचार मांग करता है कि इस पूरी आपूर्ति श्रृंखला के मुख्य आकाओं तक पहुंचकर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

