अहमदाबाद/सूरत। गुजरात विधानसभा चुनाव 2027 भले ही अभी दूर हों, लेकिन राजनीतिक माहौल अभी से ही काफी गरमाने लगा है। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश नेता मनोज सोरठिया ने सत्तारूढ़ दल पर सीधा और करारा हमला बोलते हुए दावा किया है कि आने वाले 2027 के चुनाव में गुजरात का आदिवासी समाज बीजेपी का सूपड़ा साफ कर देगा। दशकों से केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किए गए आदिवासी समाज का आक्रोश अब ज्वालामुखी बनकर फटने की तैयारी में होने का स्पष्ट संकेत ‘आप’ नेता ने दिया है। मनोज सोरठिया ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार ने हमेशा आदिवासी समाज को हाशिये पर धकेलने का ही काम किया है। जल, जंगल और जमीन पर जिनका मूल अधिकार है, उन स्थानीय आदिवासियों को विकास के नाम पर उनके ही घरों से बेघर किया जा रहा है। सरकारी योजनाएं केवल कागजों पर और भाषणों तक ही सीमित रही हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि आदिवासी बेल्ट में आज भी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। जमीन अधिग्रहण का विरोध: बड़े प्रोजेक्ट्स और निजी उद्योगपतियों को खुश करने के लिए आदिवासी किसानों की उपजाऊ और पुरखों की जमीनें कौड़ियों के भाव छीनी जा रही हैं।
फर्जी आदिवासी प्रमाणपत्र: बोगस आदिवासी सर्टिफिकेट के आधार पर अन्य वर्ग के लोग सरकारी नौकरियों और आरक्षण का लाभ लूट रहे हैं, फिर भी सरकार इस घोटाले पर आंखें मूंद बैठी है।
शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाली: आदिवासी क्षेत्र के स्कूल शिक्षकों के बिना और अस्पताल डॉक्टरों या दवाओं के बिना रामभरोसे चल रहे हैं।
रोजगार का अभाव: स्थानीय स्तर पर रोजगार न मिलने के कारण आदिवासी युवाओं को मजदूरी के लिए शहरों में पलायन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सोरठिया ने हुंकार भरते हुए स्पष्ट किया कि ‘आप’ अब आदिवासी समाज के हक और अधिकार की लड़ाई सड़क से लेकर विधानसभा तक लड़ेगी। अंबाजी से उमरगाम तक के पूरे आदिवासी बेल्ट में जनजागरूकता अभियान के माध्यम से सत्तारूढ़ दल की धोखाधड़ी को उजागर किया जाएगा। गुजरात का मूल निवासी अब जागरूक हो चुका है और झूठे वादों में फंसने वाला नहीं है। आदिवासी क्षेत्र की आरक्षित सीटें गुजरात विधानसभा में सत्ता का गणित तय करने में हमेशा निर्णायक भूमिका निभाती हैं। मनोज सोरठिया का यह आक्रामक बयान स्पष्ट संकेत देता है कि आम आदमी पार्टी ने अब ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में बीजेपी के गढ़ में बड़ी सेंध लगाने के लिए मैदान में सीधे मुकाबले की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

