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900 ATM कार्ड, 167 SIM और 88 पासबुक, मुंबई में साइबर गैंग के 3 आरोपी गिरफ्तार, 300 करोड़ के फ्रॉड का शक

मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-5 ने साइबर फ्रॉड गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने 900 ATM कार्ड, 167 SIM, 88 पासबुक, 143 चेकबुक, 24 मोबाइल और दो लैपटॉप बरामद किए हैं. जांच में 10 बैंक खातों से 24 करोड़ रुपये के फ्रॉड का लेन-देन सामने आया है. पुलिस को नेटवर्क 350 करोड़ से ज्यादा का होने का शक है.

मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-5 ने ऑनलाइन साइबर फ्रॉड करने वाले एक गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए अलग-अलग तरीकों से साइबर ठगी का पैसा बैंक खातों में मंगवाया जाता था और फिर उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था. पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क में 350 करोड़ रुपये से ज्यादा के फ्रॉड का कनेक्शन हो सकता है. गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को 19 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है. क्राइम ब्रांच अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और पैसों के ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी अलग-अलग बैंकों में अपने नाम और दूसरे लोगों के नाम पर बैंक अकाउंट खुलवाते थे. इसके बाद इन बैंक खातों से बड़ी संख्या में मोबाइल SIM कार्ड लिंक किए जाते थे. साइबर फ्रॉड के जरिए आने वाला पैसा इन्हीं बैंक खातों में मंगवाया जाता था. इसके बाद रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में कितने बैंक खाते और मोबाइल नंबर इस्तेमाल किए गए.

900 ATM कार्ड और 167 SIM बरामद

क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में बैंकिंग और डिजिटल सामान बरामद किया है. पुलिस के मुताबिक, उनके पास से 88 पासबुक, 143 चेकबुक, 900 ATM कार्ड, 24 मोबाइल फोन, 167 SIM कार्ड और 2 लैपटॉप मिले हैं. जांच के दौरान करीब 10 बैंक खातों के जरिए 24 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड के पैसों का लेन-देन सामने आया है. इन बैंक खातों से जुड़े 1930 साइबर पोर्टल रिकॉर्ड की जांच में 32 शिकायतें भी सामने आई हैं.

तकनीकी जांच में आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए 288 SIM कार्ड का साइबर फ्रॉड से कनेक्शन सामने आया है. पुलिस अब इन नंबरों और बैंक खातों के बीच संबंधों की जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में साइबर ठगी के कई तरीके शामिल हैं. इनमें OTP फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, नौकरी के नाम पर ठगी और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड जैसे मामले शामिल हैं.

गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल भी पुलिस की जांच का हिस्सा है. इनमें एक आरोपी कैब ड्राइवर है. दूसरे आरोपी की उम्र 44 साल है और उसने नौवीं कक्षा तक पढ़ाई की है. तीसरे आरोपी ने 12वीं के बाद दो साल कॉलेज में पढ़ाई की है. क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये आरोपी साइबर फ्रॉड के इस नेटवर्क में किस तरह जुड़े और इनके जरिए कितने बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया.

महाराष्ट्र से बाहर भी नेटवर्क होने का शक

पुलिस को शक है कि इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क के तार महाराष्ट्र के बाहर दूसरे राज्यों और संभवतः विदेशों तक जुड़े हो सकते हैं. इसी दिशा में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है. फिलहाल क्राइम ब्रांच बैंक खातों में हुए लेन-देन, मोबाइल नंबरों, SIM कार्ड और साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है. पुलिस के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ साइबर फ्रॉड से जुड़े और मामलों का पता चल सकता है.

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