महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने तीन महीने के अंदर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। तीन महीने तक चले एनफोर्समेंट ड्राइव के दौरान उन्होंने 5.4 करोड़ रुपये के असुरक्षित डेयरी प्रोडक्ट ज़ब्त किए और 404 लाइसेंस सस्पेंड किए। 199 होटल्स और रेस्तरां के लाइसेंस सस्पेंड किए गए।
मुंबई : महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने पिछले तीन माह में राज्य भर में 1800 से अधिक होटलों, क्लबों और ढाबों का निरीक्षण किया। इन निरीक्षण में तिलचट्टों से भरी रसोई, बिना ढके कच्चे मांस और गंदे बर्तन मिले। तमाम खामियों को देखते हुए 199 भोजनालयों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पुणे संभाग सबसे ज्यादा लाइसेंस निलंबन के साथ सर्वाधिक उल्लंघन करने वाला संभाग बन गया है। निरीक्षकों ने प्रशीतन शृंखला और साफ-सफाई से जुड़ी गंभीर कमियों के लिए 948 सुधार नोटिस जारी किए।
असुरक्षित डेरी उत्पादों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत राज्य में तीन महीने तक चले अभियान के दौरान 5.4 करोड़ रुपये मूल्य के सामान जब्त किए और 404 लाइसेंस निलंबित किए।
पुणे में सबसे ज्यादा कार्रवाई
एफडीए के अनुसार, इन उल्लंघनों के सिलसिले में पुणे 4,261 निरीक्षण और 168 लाइसेंस निलंबन के साथ सबसे ऊपर रहा। कोंकण 3,142 निरीक्षण और 108 निलंबन के साथ दूसरे तथा ग्रेटर मुंबई 1,451 निरीक्षण एवं 121 निलंबन के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
तुकाराम मुंढे के FDA कमिश्नर बनते ही ताबड़तोड़ एक्शन
अन्य संभागों में, नासिक में 1,356 निरीक्षण और 56 निलंबन दर्ज किए गए। छत्रपति संभाजीनगर में 1,173 निरीक्षण और 61 निलंबन, अमरावती में 989 निरीक्षण और 45 निलंबन तथा नागपुर में 711 निरीक्षण और 44 निलंबन किए गए। क्षेत्रवार हिसाब से ये आंकड़े 25 मई से 31 अगस्त तक की अवधि के हैं। इस साल के आरंभ में आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढ़े के एफडीए का कामकाज संभालने के बाद प्राधिकरण ने रेस्तरां, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी थी।
ज्यादातर होटलों के किचन में मिले कॉकरोच
एफडीए ने बताया कि होटलों और रेस्तरां की जांच में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की अनुसूची चार के गंभीर उल्लंघन पाए गए। इनमें साफ पानी और जल निकास की सुविधाओं की कमी, प्रशीतन शृंखला के नियमों का पालन न करना, रेफ्रिजरेटर का तापमान सही न होना, कॉकरोच का होना और खाना बनाने एवं परोसने में साफ-सफाई का ध्यान न रखना जैसी बातें शामिल थीं।
अन्य उल्लंघनों में इमारत की खराब हालत, खुले कंटेनर में कच्चा चिकन रखना, कटी हुई सब्जियों को बिना ढके छोड़ देना, पानी की जांच का रिकॉर्ड न होना और फर्श, बर्तन एवं खाने के संपर्क में आने वाली सतहों का साफ न होना शामिल था।
मिल्क प्रॉडक्ट्स बेचने वालों पर भी शिकंजा
एफडीए ने बताया कि जून से अगस्त के बीच दूध, डेरी उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों से जुड़े 9,485 प्रतिष्ठानों की जांच की गई, 4,321 सुधार नोटिस जारी किए गए और प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पूरे राज्य में 867 गिरफ्तारियां हुईं। एजेंसी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पुणे डिवीजन में सबसे ज्यादा 4,261 प्रतिष्ठानों की जांच की गईं। इसके बाद कोंकण में 3,142, ग्रेटर मुंबई में 1,451, नासिक में 1,356, छत्रपति संभाजीनगर में 1,173, अमरावती में 989 और नागपुर में 711 प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
एफडीआई की कार्रवाई के दौरान दूध और डेरी उत्पादों के अलावा खाना बनाने के तेल, आम, मिठाइयां, खोया, बेकरी के सामान, कैंडी, गुड़, घी, खजूर, आइसक्रीम और कुल्फी, फ्रोजन डेजर्ट, मसाले, सुपारी और ताड़ी समेत कई अन्य खाद्य पदार्थ भी शामिल थे।

