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55 साल से शिरडी आ रहे हैं, बेटे की मन्नत पूरी हुई तो चढ़ाया 14 लाख का सोने का मुकुट… साईं बाबा के भक्त की कहानी

छत्तीसगढ़ के रायपुर के रहने वाले साईं भक्त ताराचंद चोपकर ने बेटे की मन्नत पूरी होने पर शिरडी साईं बाबा मंदिर में करीब 14 लाख रुपये का सोने का मुकुट अर्पित किया. करीब 9 तोले के इस मुकुट को लेकर ताराचंद अपने परिवार के साथ शिरडी पहुंचे. उन्होंने बताया कि वह पिछले 55 वर्षों से साईं बाबा के दर्शन के लिए शिरडी आते रहे हैं.

किसी के लिए शिरडी जाना एक यात्रा है. किसी के लिए आस्था. और कुछ लोगों के लिए यह रिश्ता इतना पुराना होता है कि जिंदगी के कई दशक साईं बाबा के दर्शन करते-करते गुजर जाते हैं. छत्तीसगढ़ के रायपुर में रहने वाले ताराचंद चोपकर का भी साईं बाबा से कुछ ऐसा ही रिश्ता है.

ताराचंद कहते हैं कि वह पिछले करीब 55 साल से शिरडी आकर साईं बाबा के दर्शन करते रहे हैं. इस दौरान परिवार बढ़ा, जिंदगी बदली और वक्त गुजरता गया, साईं बाबा के प्रति उनकी आस्था बनी रही. अब जब उनके बेटे की एक मन्नत पूरी हुई तो परिवार ने साईं बाबा के मंदिर पहुंचकर सोने का एक नक्काशीदार मुकुट अर्पित किया है. इसकी कीमत करीब 14 लाख रुपये है.

ताराचंद चोपकर अपने परिवार के साथ रायपुर से शिरडी पहुंचे. उनके हाथ में एक खास भेंट थी, जिसे वे साईं बाबा के चरणों में अर्पित करने आए थे. सोने का नक्काशीदार मुकुट. परिवार मुकुट लेकर साईं बाबा मंदिर पहुंचा और मंदिर की प्रक्रिया के अनुसार इसे बाबा को अर्पित किया. इस दौरान मंदिर प्रशासन की ओर से ताराचंद चोपकर और उनके परिवार का सम्मान किया गया.

ये कहानी एक मन्नत की है. ताराचंद चोपकर के मुताबिक, यह मन्नत उनके बेटे से जुड़ी हुई थी. उन्होंने बताया कि परिवार ने साईं बाबा से एक मन्नत मांगी थी. जब मन्नत पूरी हुई तो परिवार ने बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा के रूप में सोने का मुकुट अर्पित करने का फैसला किया.

ताराचंद कहते हैं कि साईं बाबा की उनके और उनके परिवार पर इतनी कृपा रही है कि उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है. उनके मुताबिक, यह सिर्फ सोने का मुकुट नहीं, बल्कि दशकों पुरानी आस्था और एक पूरी हुई मन्नत की भेंट है.

9 तोले का मुकुट, कीमत करीब 14 लाख रुपये

ताराचंद चोपकर के अनुसार, साईं बाबा को अर्पित किया गया मुकुट करीब 9 तोले सोने का है. मुकुट पर बारीक नक्काशी भी की गई है. इसकी कीमत करीब 14 लाख रुपये बताई गई है. ताराचंद और उनके परिवार के लिए इसकी कीमत सिर्फ बाजार की कीमत नहीं है. उनके लिए यह उस मन्नत और आस्था से जुड़ी है, जिसे वे वर्षों से साईं बाबा के साथ महसूस करते आए हैं.

ताराचंद चोपकर ने साईं बाबा के प्रति अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि बाबा की उनके और उनके परिवार पर बहुत मेहरबानी रही है. उनका कहना है कि वह करीब 55 वर्षों से शिरडी आते रहे हैं और इतने लंबे समय में साईं बाबा के प्रति उनकी श्रद्धा और गहरी होती गई.

शिरडी का साईं बाबा मंदिर देश ही नहीं, दुनिया भर के श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है. हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. कोई नौकरी की मन्नत लेकर आता है, कोई परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करता है, तो कोई सिर्फ बाबा के दर्शन के लिए पहुंचता है. जब कोई मन्नत पूरी होती है, तो कई श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार बाबा के दरबार में कुछ न कुछ अर्पित करते हैं.

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