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मुजफ्फरनगर में ₹100 चंदा ना देने पर दलित परिवार का हुक्का पानी बंद, एक महीने से घुट-घुट कर जी रहा परिवार

उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर में 100 रुपये का चंदा नहीं देने पर गांववालों ने दलित परिवार का हुक्का पानी बंद किया। इसके साथ ही दलित परिवार की मदद या साथ देने वाले पर 500 रुपये जुर्माना लगाने की घोषणा भी की गई।

मुजफ्फरनगर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां आजादी के 77 साल बाद भी सामाजिक बहिष्कार जैसी कुप्रथा खत्म नहीं हुई है। छपार थाना क्षेत्र के गांव खुड्डा खानपुर में सिर्फ 100 रुपये का मासिक चंदा न देने पर एक गरीब दलित परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया गया।

इसके साथ ही पंचायत बुलाकर दलित परिवार की मदद या साथ देने वाले पर 500 रुपये जुर्माना लगाने की घोषणा भी कर दी गई। पीड़ित परिवार अब मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी दफ्तर पहुंचकर न्याय की गुहार लगा रहा है।

बेटे को है ब्लड कैंसर

पीड़ित परिवार का कहना है कि उनका पैतृक गांव खुड्डा खानपुर है। गांव में एक रविदास मंदिर है, जहां हर महीने प्रत्येक व्यक्ति से 100 रुपये चंदे के रूप में लिया जाता है। उनके बेटे को ब्लड कैंसर है, जिसका इलाज चंडीगढ़ में चल रहा है। इलाज में भारी खर्च होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। इसी कारण वह मंदिर में चंदा नहीं दे पाया।

पुलिस से भी नहीं मिली मदद

आरोप है कि चंदा न देने पर गांव के ही कुछ लोगों ने रविदास मंदिर में पंचायत बुलाई। पंचायत में फरमान सुनाया गया कि चंदा न देने वाले इस परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाता है और गांव में उसका हुक्का-पानी बंद किया जाता है। फरमान के बाद परिवार का किसी से भी बात करना, दुकान से सामान लेना और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होना बंद हो गया है। पिछले एक माह से पीड़ित परिवार घुट-घुट कर जी रहा है। परिवार का आरोप है कि पुलिस थाने में भी उनकी मदद नहीं की गई।

परिवार अधिकारियों के लगा रहा चक्कर
पीड़ित ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं। इस अमानवीय फैसले से परिवार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित हो रहा है। परिवार ने कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। वहीं जब इस मामले पर गांव के कुछ लोगों और मंदिर से जुड़े लोगों से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि चंदा न देने के कारण ही पंचायत में बहिष्कार का निर्णय लिया गया था।

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