लखनऊ विश्वविद्यालय के आर्ट्स कॉलेज के रणवीर सिंह बिष्ट छात्रावास में पीने के पानी की बदहाली और जर्जर भवन को लेकर हंगामा हुआ।
उत्तरप्रदेश के लखनऊ विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ फाइन आर्ट्स यानी आर्ट्स कॉलेज के रणवीर सिंह बिष्ट छात्रावास में पीने के पानी की बदहाली और जर्जर भवन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष और छात्र नेता आर्यन मिश्रा के नेतृत्व में छात्रों ने हॉस्टल की छत पर रखी पानी की टंकियों का निरीक्षण किया, जहां टंकियों के भीतर बड़े पैमाने पर कीड़े, मच्छर और भारी काई जमी मिली।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया कि हॉस्टल के नाम पर छात्रों से प्रति सत्र 7 हजार की भारी-भरकम फीस वसूली जा रही है लेकिन उन्हें पीने के लिए साफ पानी तक उपलब्ध नहीं है।
टंकियों में कीड़े तैर रहे
छात्र नेता आर्यन मिश्रा ने हॉस्टल की सफेद और काली पानी की टंकियों के ढक्कन खोलकर दिखाते हुए आरोप लगाया कि जिस तरह विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार तैर रहा है, उसी तरह टंकियों में कीड़े तैर रहे हैं। छात्र इसी दूषित पानी को पीने पर मजबूर हैं और बीमार होने पर उन्हें अपने पैसों से इलाज कराना पड़ता है। उन्होंने हॉस्टल की जर्जर इमारत, दीवारों और छतों पर फैली सीलन को दिखाते हुए कहा कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार टेंडर कराकर केवल लाखों रुपयों का घोटाला किया जा रहा है। आर्यन मिश्रा ने कहा कि यदि प्रशासन छात्रों को बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा नहीं दे सकता तो कुलपति को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए
हॉस्टल प्रवोस्ट डॉ. के कक्ष में तीखी नोकझोंक, जमकर हुआ हंगामा टंकियों की दुर्दशा देखने के बाद आक्रोशित छात्र सीधे छात्रावास के प्रवोस्ट डॉ. रविकांत पांडे के कार्यालय पहुंचे, जहां छात्रों और प्रवोस्ट के बीच बेहद तीखी बहस हुई। छात्र नेताओं ने प्रवोस्ट को सीधे तौर पर घेरते हुए कहा कि अगर दूषित पानी पीने से कोई छात्र गंभीर रूप से बीमार होता है या जर्जर बिल्डिंग का कोई हिस्सा गिरने से कोई छात्र हताहत होता है तो इसके सीधे जिम्मेदार प्रवोस्ट और प्रशासन होंगे।
इस दौरान छात्रों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि अधिकारी सिर्फ खानापूरी और लिपा-पोती कर रहे हैं। वहीं प्रवोस्ट छात्रों को शांत कराने और अपनी बात समझाने का प्रयास करते रहे लेकिन छात्र बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी को लेकर लगातार जवाब मांगते रहे।
रेनोवेशन के नाम पर बढ़ा दी 4 गुना हॉस्टल की फीस
छात्र नेता आर्यन मिश्रा ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आर्ट्स कॉलेज के रणवीर सिंह बिष्ट छात्रावास में छात्रों की प्रति सत्र की फीस 7 हजार से सीधे बढ़ाकर 27 से 28 हजार कर दी है। ये फीस रेनोवेशन और हॉस्टल की बदहाल हालत में सुधार करने के नाम पर बढ़ायी गई है। उन्होंने कहा कि रेनोवेशन के नाम पर छात्रों की 4 गुना फीस बढ़ाकर प्रबंधन मध्यमवर्गीय बच्चों के माता पिता की खून पसीने की कमाई से अपनी जेभ भरना चाहता है।
अधिकारियों के रवैये पर भड़के छात्र
कैंपस में चले हंगामे के दौरान जब अधिकारी द्वारा स्थिति को संभालने और कमेटी व ठेकेदार से बात करने की बात कही गई तो छात्र और उग्र हो गए। छात्रों ने तंज कसते हुए कहा कि यदि उनका अपना बच्चा इस हॉस्टल में रहकर ऐसा जहरीला पानी पी रहा होता, तब शायद उन्हें छात्रों का दर्द समझ में आता। छात्रों ने कहा कि वे सीधे जिम्मेदार अधिकारियों के पास अपनी शिकायत लेकर आए हैं, ऐसे में ठेकेदारों पर बात टालकर पल्ला झाड़ना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। NSUI नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि हॉस्टल की पानी की टंकियों की तत्काल सफाई, फिल्टर की व्यवस्था और जर्जर परिसर की मरम्मत नहीं कराई गई तो छात्र विश्वविद्यालय स्तर पर अनिश्चितकालीन उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।

