मनसे चीफ राज ठाकरे ने पुणे के कॉलेज में शिवाजी-अंबेडकर और दूसरे महापुरुषों के साथ पीएम मोदी की फोटो लगाने के मामले में हमला बोला है। ठाणे में राज ठाकरे ने कहा कि इन महापुरुषों की कतार में पीएम मोदी को नहीं रखा जा सकता। इस मामले में राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
हाइलाइट्स
बेटे अमित ठाकरे के मौजूदगी में पीएम मोदी की फोटो हटाने का मामला
राज ठाकरे बोले, शिवाजी-अंबेडकर की कतार में मोदी नहीं हो सकते हैं
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में डीजे विवाद पर फडणवीस पर भी बोला हमला
मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने पुणे के एक कॉलेज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को हटाने में मामले में चुप्पी तोड़ते हुए बड़ा पलटवार किया है। रविवार को ठाणे के श्री गडकरी रंगायतन में पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने अपने अंदाज में कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ किसी और को एक कतार में नहीं रखा जा सकता। कार्यक्रम में राज ठाकरे ने पीएम मोदी पर हमला बोला। इसके अलावा उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को तमाम ज्वंलत मुद्दों पर घेरा। दरअसल 31 अगस्त मनसे नेता अमित ठाकरे की मौजूदगी में पुणे के कॉलेज से पीएम मोदी की तस्वीर हटाई थी। इसके बाद इस घटना के बाद पुणे कॉलेज प्रशासन की शिकायत पर अमित ठाकरे समेत 20 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
कॉलेज ने दोबारा लगाई गई थी तस्वीर
इस घटना के छह दिन बाद राज ठाकरे की बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तरों में प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाई जानी चाहिए, लेकिन किसी दूसरी दीवार पर। छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ वाली कतार में नहीं। दरअसल इस मुद्दे पर बीजेपी भड़क गई थी। बीजेपी ने अमित ठाकरे पर बड़ा हमला बोला था। राजनीतिक घमासान के बाद कॉलेज प्रशासन ने पूरे सम्मान के साथ तस्वीर वहीं पर लगा दी थी। बीजेपी ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे राजनीतिक अपरिपक्वता करार दिया और कहा कि प्रधानमंत्री किसी पार्टी का नहीं बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। दूसरी तरफ अमित ठाकरे ने इस कार्रवाई पर गर्व जताते हुए कहा था कि अगर दूसरा अपराध भी छत्रपति शिवाजी महाराज के लिए दर्ज हुआ है, तो मुझे खुशी होगी।
राज ठाकरे के बड़े हमले
हमें अपनी आस्था पर गर्व होना चाहिए, लेकिन धर्म को लेकर कट्टर नहीं होना चाहिए। आपको कट्टर बनाया जा रहा है ताकि आपका ध्यान दूसरे मुद्दों से हटाया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश से एक वीडियो बनाकर भारतीयों से कहा कि वे विदेश न जाएं। लेकिन एक तरफ मोदी कहते हैं कि विदेश न जाएं, सोना न खरीदें, और दूसरी तरफ हमें बताया जा रहा है कि हमारी GDP बढ़ गई है। यह कैसे संभव है?
देश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था के कारण, जैसे आज छात्र पेपर लीक और शिक्षा के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं, वैसे ही कल पूरा देश सड़कों पर उतरेगा।
हमारे देश में 503 विदेशी कंपनियों ने अपना कामकाज बंद कर दिया है। सोचिए, इससे कितने लोगों की नौकरियां गई होंगी!
2018-19 से लेकर आज तक, लगभग 13,000 उद्योगपति, जो भारत में 200-250 करोड़ रुपये का निवेश कर सकते थे, देश छोड़कर चले गए हैं। अगर देश की GDP 7.8 प्रतिशत है, तो ये उद्योगपति देश क्यों छोड़ रहे हैं?
DJ और डॉल्बी सिस्टम का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। हमारे त्योहार और उत्सव पारंपरिक तरीके से मनाए जाने चाहिए। यह बात मैं पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुका हूं। राज ठाकरे, मनसे चीफ
डीजे पर देवेंद्र फडणवीस को घेरा
राज ठाकरे ने कार्यक्रम में कहा कि मुझे अभी तक यह पता नहीं चला है कि पुणे में DJ के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने क्या कहा। नागपुर में DJ पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, तो पूरे महाराष्ट्र राज्य में ऐसा क्यों नहीं हो सकता? बेरोज़गारी, महंगाई, चरमराता शिक्षा तंत्र। ये देश के सामने आज कई ऐसे मुद्दे हैं। इनसे ध्यान भटकाने के लिए आपको धार्मिक उन्माद में उलझाया जा रहा है। राज ठाकरे ने एसआईआर पर भी हमला बोला। इसके बाद उन्होंने कहा कि मुझे सबसे ज्यादा डर इस बात का है कि आने वाले गणेशोत्सव के दौरान दंगे भड़काए जा सकते हैं, ताकि आप उनमें उलझे रहें। समझदार हिंदुओं और जागरूक मुसलमानों से मेरी अपील है कि वे सतर्क रहें!

