बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर के संजय लीला भंसाली की सुपरहिट फिल्म ‘पद्मावत’ के क्लाइमेक्स और ऐतिहासिक ‘जौहर’ के सीन को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद पूरे गुजरात में धार्मिक और सामाजिक हलकों में ज़बरदस्त गुस्सा है। राजकोट में आयोजित बड़े धार्मिक सभा के दौरान साधु-संत और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेताओं ने स्वरा भास्कर पर तीखे हमले किए हैं।
खासकर, खिरसारा स्वामीनारायण मंदिर के धार्मिक प्रमुख भक्तिस्वामी ने धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए स्वरा भास्कर की कड़ी आलोचना की और उनकी तुलना ‘शूर्पणखा’ से की। स्वामीजी ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “हमें विधर्मी उतना परेशान नहीं करते, जितना हमारे अपने घर के जयचंद करते हैं।” उन्होंने कहा कि भारत के क्षत्रियों और वीर पुरुषों ने अपनी संस्कृति, स्वाभिमान और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए जो महान बलिदान दिया है, उसे कायरता कहना भारतीय संस्कृति और इतिहास का घोर अपमान है।
दूसरी ओर, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री शंकरभाऊ ने भी इस विवादित बयान पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कड़े शब्दों में हमला करते हुए कहा, “यह महिला जो भारत की नारी शक्ति और वीरता के इस बलिदान का सम्मान नहीं करती, वह देश के लिए एक दाग और मानसिक कीड़े की तरह है।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि फिल्मी करियर में काम न मिलने के कारण सिर्फ शोहरत और पब्लिसिटी पाने के लिए इस तरह की घटिया बातें की जा रही हैं।
दिल्ली में हुए एक इवेंट के दौरान स्वरा भास्कर ने ‘पद्मावत’ के जौहर सीन को लेकर विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने आत्मदाह की ऐतिहासिक घटना पर सवाल उठाए। इस बयान के बाद सनातनी समाज, क्षत्रिय संगठनों और संतों में काफी गुस्सा है। राजकोट में उठी इस विरोध की आवाज़ अब पूरे गुजरात में फैल रही है और हिंदू संगठनों ने साफ़ चेतावनी दी है कि भारत की क्षत्रिय महिलाओं और वीर पुरुषों की वीरता और बलिदान का ऐसा अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

