गुजरात और पूरे देश के युवाओं में अनुशासन, देशभक्ति और लीडरशिप की क्वालिटी डालने वाली नेशनल कैडेट कोर (NCC) को लेकर केंद्र सरकार ने एक बहुत ही ज़रूरी और स्टूडेंट-फ्रेंडली पहल शुरू की है। अब से, जब भी सरकारी ही नहीं, बल्कि प्राइवेट स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले NCC कैडेट्स नेशनल लेवल के ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेंगे, तो उनका सारा फाइनेंशियल खर्च राज्य और केंद्र सरकार उठाएगी।
पहले, प्राइवेट इंस्टीट्यूशन के स्टूडेंट्स पर होता था फाइनेंशियल बोझ
पहले, सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के कैडेट्स को कैंप के लिए फाइनेंशियल मदद मिलती थी, जबकि प्राइवेट सेक्टर के एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के स्टूडेंट्स को कैंप में हिस्सा लेने के लिए ट्रेन का किराया, खाना, यूनिफॉर्म और दूसरे ट्रेनिंग खर्च अपनी जेब से या इंस्टीट्यूशन से उठाने पड़ते थे। इस भेदभाव की वजह से, प्राइवेट स्कूलों और कॉलेजों के कई टैलेंटेड और आर्थिक रूप से पिछड़े स्टूडेंट्स नेशनल लेवल के कैंप से वंचित रह जाते थे। नई पॉलिसी से कैडेट्स को ये बड़े फायदे मिलेंगे
सरकार के इस फैसले से देश भर के लाखों NCC कैडेट्स में नया जोश और उत्साह देखा जा रहा है:
बराबर मौका और हौसला: सरकारी और प्राइवेट स्कूल-कॉलेज के बीच का फर्क खत्म हो जाएगा। हर एलिजिबल कैडेट को अपनी स्किल्स के आधार पर नेशनल कैंप में शामिल होने का बराबर मौका मिलेगा।
सारा खर्च सरकार उठाएगी: कैंप के दौरान आने-जाने का खर्च, रहने और खाने का इंतज़ाम, खास गियर और ट्रेनिंग का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
डिफेंस सेक्टर में युवाओं का आकर्षण बढ़ेगा: इस फैसले से ज़्यादा से ज़्यादा स्टूडेंट्स NCC की तरफ अट्रैक्ट होंगे, जिससे भविष्य में इंडियन आर्म्ड फोर्सेज़ (आर्मी, नेवी, एयर फोर्स) में युवा शक्ति के इंटीग्रेशन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं को मज़बूत बनाने और देश बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम
अब प्राइवेट इंस्टीट्यूशन के स्टूडेंट्स भी बिना किसी पैसे की चिंता के रिपब्लिक डे परेड (RDC), थल सैनिक कैंप (TSC) और एक भारत श्रेष्ठ भारत (EBSB) जैसे बहुत ज़रूरी नेशनल कैंप में अपने राज्य और इंस्टीट्यूशन को रिप्रेजेंट कर सकेंगे। सरकार की इस क्रांतिकारी योजना ने शिक्षा और रक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश दिया है, जिससे देश के युवाओं का मनोबल शेर की तरह मजबूत होगा।

