अहमदाबाद। जिस हॉस्पिटल को मरीज और उनके परिवार वाले ‘फरिश्ता’ मानते हैं, वह अब ‘मौत का घर’ और ‘सफेद कोट पहने कसाइयों’ का अड्डा बन गया है। अहमदाबाद के निकोल इलाके के सबसे बड़े अनंता हॉस्पिटल से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे गुजरात के मेडिकल जगत और प्रशासन को हिलाकर रख दिया है।
खाकी वर्दी पहनकर ज़िंदगी भर जनता की रक्षा करने वाले रिटायर्ड PSI भी इस मेडिकल माफिया की क्रूरता का शिकार हो गए हैं।
जान बचाने गए थे और मौत के मुंह में धकेल दिए गए!
रिटायर्ड PSI को इलाज के लिए निकोल के अनंता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। लेकिन हॉस्पिटल के डॉक्टरों और एडमिनिस्ट्रेटर्स के लिए, मरीज़ की जान
नहीं, बल्कि उसके रिश्तेदारों की जेब से निकलने वाले लाखों रुपये मेन मकसद थे।
एक्सपायर हो चुकी दवाओं का इस्तेमाल: मरीज़ को ठीक करने के नाम पर एक्सपायर और खतरनाक दवाएं दी गईं।
डर देकर साइन करवाना: मरीज़ के घरवालों को डराकर और इमोशनल ब्लैकमेल करके कागज़ों पर साइन करवाए गए।
बेवजह वेंटिलेटर: मरीज़ को गलत तरीके से और बेवजह वेंटिलेटर पर रखा गया, ताकि हर दिन लाखों रुपये का बिल बन सके।
नतीजा यह हुआ कि लालची डॉक्टरों के गलत इलाज और लापरवाही की वजह से एक रिटायर्ड PSI ने हॉस्पिटल के बेड पर ही आखिरी सांस ली।
एक पुलिस ऑफिसर की इस लेवल की गद्दारी, आम आदमी का क्या?
सबसे बड़ा और ज्वलंत सवाल यह है कि अगर एक मरीज़ के साथ धोखाधड़ी और हत्या जैसी लापरवाही एक ऐसे इंसान के परिवार के साथ दिखाई जा रही है जो खुद पुलिस डिपार्टमेंट में रहा हो, जिसे कानून और नियमों की जानकारी हो, तो उस आम और गरीब आदमी की क्या हालत होती होगी जो हर दिन इस हॉस्पिटल में आता है? क्या अनंता हॉस्पिटल सिर्फ़ मरीज़ों को लूटने और मारने के लिए खुला रखा गया है?
लाखों रुपये लिए गए, लेकिन जान नहीं बची!
इलाज के नाम पर परिवार से लाखों रुपये लिए गए। पैसे भी चले गए और घर का खंभा भी छीन लिया गया। परिवार का आरोप है कि यह सिर्फ़ लापरवाही नहीं है, बल्कि पैसे के लालच में हत्या की साज़िश है।
इस घटना के बाद पूरे अहमदाबाद में अनंता हॉस्पिटल के ख़िलाफ़ भारी गुस्सा है। ज़ोरदार मांग की गई है कि इन कसाई डॉक्टरों पर केस दर्ज करके उन्हें जेल भेजा जाए और हॉस्पिटल का लाइसेंस तुरंत कैंसिल किया जाए।

