गांधीनगर। गांधीनगर के पेथापुर क्षेत्र स्थित सिद्धिविनायक सोसायटी से बेजुबान पशुओं के प्रति कथित क्रूरता और अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि सोसायटी के पदाधिकारियों और कुछ सदस्यों की ओर से सुरक्षा गार्ड को निर्देश दिया गया कि सोसायटी परिसर में कोई भी कुत्ता दिखाई दे तो उसे मारकर वहां से भगाया जाए।
बेजुबान जानवरों के साथ कथित तौर पर इस तरह का व्यवहार किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय पशुप्रेमियों और संवेदनशील नागरिकों में नाराजगी फैल गई है। पशुप्रेमियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
क्या सोसायटी के पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई?
पशु क्रूरता से संबंधित कानूनों के तहत जानवरों को अनावश्यक रूप से पीटना, उन्हें चोट पहुंचाना या उनके साथ क्रूर व्यवहार करना अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे में सिद्धिविनायक सोसायटी में सुरक्षा गार्ड को कथित रूप से कुत्तों को पीटने के लिए दिए गए निर्देशों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि सोसायटी के अध्यक्ष या अन्य सदस्यों ने जानवरों के साथ क्रूरता करने के निर्देश दिए थे, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
पशुप्रेमियों का कहना है कि बेजुबान जानवरों के साथ हिंसा की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि गुजरात पुलिस और प्रशासन को मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन शिकायत या उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर क्या कार्रवाई करता है।

