अहमदाबाद। केंद्रीय गृह मंत्री और गांधीनगर लोकसभा सांसद अमित शाह के अहमदाबाद दौरे को लेकर राज्य का खुफिया विभाग और पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के संभावित विरोध, काले झंडे दिखाने तथा नारेबाजी को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। खुफिया एजेंसियां विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं।
कांग्रेस नेताओं की गतिविधियों पर खुफिया एजेंसियों की नजर
सूत्रों के अनुसार, गुजरात कांग्रेस, विशेषकर शहर कांग्रेस और युवा कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। अमित शाह के दौरे के दौरान संभावित विरोध को देखते हुए कुछ नेताओं को नजरबंद या हिरासत में लिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि कांग्रेस या आम आदमी पार्टी की ओर से कोई अचानक विरोध प्रदर्शन तो प्रस्तावित नहीं है। अमित शाह के बोपल-घुमा क्षेत्र में जलभराव के मुद्दे से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना को देखते हुए भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। भाजपा नेताओं को आशंका है कि क्षेत्र में लंबे समय से जलभराव को लेकर लोगों की नाराजगी के चलते कार्यक्रम में हंगामा हो सकता है। कार्यक्रम स्थल और मार्ग पर काले झंडे दिखाने तथा बैनर लगाकर नारेबाजी रोकने के लिए पुलिस व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
कानून-व्यवस्था और जलभराव के मुद्दे पर विपक्ष हमलावर
हाल ही में भावनगर में हुई हिंसक घटना और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठाता रहा है। कांग्रेस समय-समय पर अहमदाबाद, गांधीनगर समेत विभिन्न स्थानों पर सरकार के खिलाफ धरना और विरोध प्रदर्शन करती रही है। ऐसे में अमित शाह के दौरे के दौरान विपक्ष की रणनीति पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की गुजरात इकाइयां भी अमित शाह के दौरे पर नजर बनाए हुए हैं। विपक्ष की ओर से भावनगर की घटना, कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों को लेकर विरोध की रणनीति तैयार किए जाने की संभावना है। वहीं, बोपल और घुमा सहित कई इलाकों में भारी जलभराव से करोड़ों रुपये मूल्य के मकानों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई थी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और महापौर हितेश बारोट सहित अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। यह क्षेत्र अमित शाह के गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में आता है।
गुजरात विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि होंगे अमित शाह
अमित शाह 27 अगस्त को गुजरात विद्यापीठ के 72वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह शाम 4:30 बजे प्राणजीवन विद्यार्थी भवन परिसर में आयोजित किया जाएगा। गुजरात विद्यापीठ के कुलाधिपति एवं गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत दीक्षांत संबोधन देंगे। समारोह में सात संकायों के 18 विभागों के कुल 900 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इनमें 184 स्नातक, 400 स्नातकोत्तर, 232 स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम, 21 स्नातकोत्तर डिप्लोमा तथा 63 एमफिल और पीएचडी उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी शामिल हैं। कुल उपाधि प्राप्त करने वालों में 441 छात्राएं और 459 छात्र हैं।
तीन साल से बदली दीक्षांत समारोह की परंपरा
गुजरात विद्यापीठ में पहले दीक्षांत समारोह 18 अक्टूबर को आयोजित करने की परंपरा थी। संस्थान की स्थापना 18 अक्टूबर को हुई थी, इसलिए स्थापना दिवस की स्मृति में इसी दिन दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाता था। हालांकि, पिछले तीन वर्षों से यह परंपरा जारी नहीं है। कुलपति के अनुसार, मुख्य अतिथि की उपलब्धता के अनुसार दीक्षांत समारोह की तारीख तय की जाती है। यदि 18 अक्टूबर को मुख्य अतिथि उपलब्ध नहीं होते हैं, तो समारोह की तारीख में बदलाव किया जाता है।
गांधीवादी मूल्यों के आधार पर विद्यार्थियों को मिलेंगे पदक
गुजरात विद्यापीठ में विद्यार्थियों को पदक प्रदान करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। केवल शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर पदक देने के बजाय विद्यार्थियों के सामाजिक योगदान, नेतृत्व क्षमता और सर्वांगीण विकास को भी चयन का आधार बनाया जा रहा है। पिछले वर्ष से चयन समिति इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर विद्यार्थियों का चयन कर रही है। संस्थान का मानना है कि महात्मा गांधी के विचारों के अनुरूप शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और सर्वांगीण व्यक्तित्व का विकास भी होना चाहिए।

