राज्य में गाड़ी के रजिस्ट्रेशन, RC बुक और ओनरशिप ट्रांसफर से जुड़े अलग-अलग कामों में आधार कार्ड डिटेल्स मैच करने के नए नियमों की वजह से विवाद खड़ा हो गया है। नए टेक्निकल सुधारों और नाम-पते में अंतर की वजह से हजारों ड्राइवर और ऑटोमोबाइल डीलर काफी परेशानी में पड़ गए हैं। ऑटो डीलरों के एक डेलीगेशन ने गांधीनगर में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ऑफिस में एक प्रपोजल पेश किया जिसमें इस समस्या को हल करने और ऑनलाइन सिस्टम में पुराने सिस्टम को फिर से शुरू करने की मांग की गई। नाम की स्पेलिंग समेत बदलावों की वजह से ऑनलाइन एप्लीकेशन रिजेक्ट हो रहे हैं राज्य में गाड़ी के रजिस्ट्रेशन, RC बुक और ओनरशिप ट्रांसफर से जुड़े सिस्टम में सिक्योरिटी और एक्यूरेसी बनाए रखने के लिए सरकार ने आधार और RC बुक के बीच डेटा मैचिंग के लिए सख्त सुधार लागू किए हैं। हालांकि, नाम, पिन कोड या पते की स्पेलिंग में मामूली बदलाव के बावजूद ऑनलाइन एप्लीकेशन रिजेक्ट हो रहे हैं या फेसलेस प्रोसेस रुका हुआ है। इस मुश्किल की वजह से नई गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर और दूसरे ऑनलाइन काम रुक गए हैं।
ड्राइवर और डीलर बहुत परेशान हैं
ऑटो डीलर एसोसिएशन के प्रतिनिधि अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि नए सिस्टम से आम ड्राइवर और डीलर दोनों बहुत परेशान हैं। स्पेलिंग या पते की छोटी सी
गलती से भी एप्लीकेशन आगे नहीं बढ़ पाता।
पुराना तरीका जारी रखने की मांग
हमारी सरकार की मांग है कि गाड़ी के रजिस्ट्रेशन और डेटा मैचिंग का यह प्रोसेस पहले की तरह पुराने तरीके से ही किया जाए ताकि एप्लीकेंट का काम न रुके और सिस्टम आसानी से चल सके।’
गाड़ी रजिस्ट्रेशन का काम रुकने का डर
गांधीनगर में बड़े अधिकारियों को दिए गए एक रिप्रेजेंटेशन में डीलरों ने धमकी दी थी कि अगर इन टेक्निकल दिक्कतों को तुरंत ठीक नहीं किया गया तो गाड़ी के रजिस्ट्रेशन का काम रुकने का डर है। फिलहाल, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने इस मामले में सही हल निकालने का भरोसा दिया है।

