अलीगढ़ नगर निगम ने एएमयू के कब्जे वाली जमीन को कब्जामुक्त करा लिया। नगर निगम की ओर से कब्जामुक्त कराई गई जमीन की कीमत 500 करोड़ रुपये है।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में जिला प्रशासन और नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कब्जे वाली 40 बीघा जमीन को कब्जा मुक्त कराया है। 3.863 हेक्टेयर सरकारी भूमि की अनुमानित कीमत करीब 500 करोड़ रुपये बताई जा रही है। 500 करोड़ रुपये कीमत की भूमि पर AMU ने कई वर्षों से अपना कब्जा कर रखा था। गुरुवार को एसडीएम गजेंद्र पाल सिंह और नगर निगम आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के नेतृत्व में राजस्व टीम ने जमीन की पैमाइश कराई। वहीं, AMU के कब्जे वाली सरकारी भूमि राजस्व अभिलेखों में बंजर और ऊसर दर्ज है।
इस बेशकीमती जमीन को लेकर पूर्व में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की ओर से दावा किया गया था और यूनिवर्सिटी के अभिलेखों में भी इस भूमि का उल्लेख किया गया था। करीब 500 करोड़ की जमीन पर कोई स्थायी निर्माण कार्य नहीं होने और खाली पड़ी होने के कारण सरकारी नियमों के अनुसार, पहले ही इसे हस्तांतरित किया जा चुका था। बेशकीमती जमीन को कब्जामुक्त कराने के दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। जमीन पर बुलडोजर चलवाकर प्रशासन और नगर निगम के कर्मचारियों ने इस भूमि पर अपने स्वामित्व होने का बोर्ड लगा दिया है। हालांकि, नगर निगम की इस कार्रवाई को लेकर AMU प्रशासन की तरफ से अभी कोई बयान सामने नहीं आया है।
अलीगढ़ नगर निगम आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि गुरुवार को इस बेशक़ीमती ज़मीन को खाली कराया गया है। इस भूमि का सदुपयोग नगर निगम द्वारा जनहित व शहरहित में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा। भूमि की उपयोगिता को देखते हुए नगरीय क्षेत्र में पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस थाने की स्थापना, बच्चों के विद्यालय, इंटर कालेज, हॉस्पिटल, स्पोर्ट्स कंपलेक्स जैसे महत्वपूर्ण और जन उपयोगी प्रोजेक्ट को प्रभावी रूप देने के लिए इस संपत्ति का भविष्य में इस्तेमाल किया जाएगा। इस भूमि की अनुमानित लागत लगभग 500 करोड़ आंकी गई है।

