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वारका में बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद: “द्वारका जिले को तुरंत सूखाग्रस्त घोषित करो”, गुस्साए धरतीपुत्रों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन!

दुनिया भर में मशहूर देवभूमि द्वारका जिला आज काली समस्याओं के जाल में फंस गया है। कुदरत के कहर और बारिश में लंबे समय तक देरी की वजह से पूरे जिले में फसलें सूख गई हैं। महंगे बीज, खाद और दिन-रात मेहनत के बाद भी खेतों में फसलें जलकर राख हो रही हैं। ऐसे मुश्किल हालात में, कर्ज के पहाड़ तले दबे देवभूमि द्वारका के हर कोने से किसानों की एक ही आवाज और जोरदार मांग उठ रही है—“द्वारका जिले को तुरंत सूखाग्रस्त घोषित करो!”

फसलें जलीं, कुएं डूबे: धरतीपुत्र सड़क पर उतरने को मजबूर

द्वारका जिले के खंभालिया, कल्याणपुर, भंवड़ और द्वारका तालुका के ग्रामीण इलाकों में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। मौसमी बारिश कम होने की वजह से सिंचाई के सोर्स सूख गए हैं और कुओं के तल दिखने लगे हैं। मूंगफली, कपास, तिल और दाल जैसी बड़ी फसलें पानी के बिना सूखकर पापड़ जैसी हो गई हैं। किसानों ने ब्याज पर पैसे लेकर जो खेती की थी, वह फेल हो गई है, इसलिए अब परिवार का गुज़ारा करना और जानवरों के लिए चारे का इंतज़ाम करना नामुमकिन हो गया है।

सरकारी वाहवाही के बीच किसान गरीब: सर्वे का ड्रामा बंद करो और सीधी मदद दो!

हर बार जब कोई कुदरती आफ़त आती है, तो एडमिनिस्ट्रेशन खोखले भरोसे देता है कि ‘सर्वे करवाया जाएगा’, लेकिन जब तक कागजी सर्वे पूरा होता है, तब तक किसान बर्बाद हो चुका होता है। किसान नेताओं और द्वारका के धरतीपुत्रों का सीधा आरोप है कि सरकार सिर्फ़ बड़ी-बड़ी घोषणाएँ करती है, लेकिन जब किसानों को सच में मदद की ज़रूरत होती है, तो सरकारी बाबू नियमों की हदें दिखाकर हाथ खड़े कर देते हैं।

महानगर मेट्रो न्यूज़ की तरफ़ से सरकार से कड़े और सीधे सवाल : क्या सरकार किसी किसान के सुसाइड करने का इंतज़ार कर रही है?

जब खेतों में फसल ही नहीं बची, तो ज़िले को सूखाग्रस्त घोषित करने में देरी क्यों? किसानों के बिजली बिल, खेती के लोन के ब्याज और जानवरों के चारे के लिए तुरंत स्पेशल पैकेज का ऐलान क्यों नहीं किया जा रहा है?

‘महानगर मेट्रो ‘ का अल्टीमेटम

अगर राज्य सरकार और खेती विभाग द्वारका जिले के किसानों का यह दर्द नहीं सुनते और तुरंत पूरे जिले को सूखाग्रस्त घोषित करके मुआवजा देने का प्रोसेस शुरू नहीं करते, तो आने वाले दिनों में द्वारका के किसान सड़कों पर उतरेंगे और गांधी चिंध्या मार्ग पर जमकर विरोध करेंगे। ”महानगर मेट्रो न्यूज़’ अपने हक की इस लड़ाई में धरतीपुत्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और किसान की आवाज़ सरकार तक पहुंचाने का काम करता रहेगा।

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