महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने पुराना किस्सा सुनाते हुए बताया कि कैसे उन्होंने रेस्टोरेंट में नकली पनीर परोसने का मामला पकड़ा। उन्होंने 24 घंटे में सुधार का समय दिया।
मुंबई: महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी चीफ और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे इन दिनों सुर्खियों में है। उनके ताबड़तोड़ एक्शन की चर्चा हर जगह है। 21 सालों में 25 ट्रांसफर झेल चुके तुकाराम हाल ही में ब्लिंकिट पर एक्शन के बाद एफडीए ने नामी पिज्जा ब्रांड डोमिनोज के 4 आउटलेट के लाइसेंस निलंबित कर दिए थे। मुंढे के काम करने की तरीके की सोशल मीडिया पर लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। इस बीच तुकाराम मुंढे ने एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू दिया है। इसमें उन्होंने बताया कि उनकी आदत है कि वह जहां भी जाते हैं, आसपास की चीजों पर नजर रखते हैं। इस दौरान उन्होंने एक किस्सा भी सुनाया।
दोस्त ने डिनर पर बुलाया, परोसा गया नकली पनीर
मुंढे ने बताया कि हाल ही में मुझे एक दोस्त ने डिनर पर बुलाया था। वो दोस्त के साथ एक रेस्टोरेंट में डिनर करने पहुंचे। रेस्टोरेंट पहुंचने के बाद मैंने देखा कि वहां जरूरी फूड लाइसेंस प्रमुखता से प्रदर्शित नहीं किया गया था। उन्होंने पीने के पानी की व्यवस्था को लेकर भी सवाल किए। इसके बाद जब उनके दोस्त ने पनीर की डिश ऑर्डर की तो मुंढे ने उसे मंगाने से मना किया। उन्होंने अपने दोस्त से कहा कि पनीर ऑर्डर मत करो। यह मेरी नजर की परीक्षा में पास नहीं होगा। पनीर की डिश आने के बाद उन्होंने उसे ध्यान से देखा। उन्होंने कहा कि मैंने फिर पूछा, क्या यह सच में असली पनीर है? जैसे ही यह आया, मैंने इसे चेक किया। यह निश्चित रूप से असली पनीर नहीं था।
रेस्टोरेंट को दिया 24 घंटे का समय
मुंढे ने रेस्टोरेंट प्रबंधन के सामने लाइसेंस और अन्य नियमों से जुड़ी कमियों को उठाया। हालांकि, उन्होंने तत्काल एक्शन लेने के बजाय रेस्टोरेंट को खामियां दूर करने के लिए 24 घंटे का समय दिया। उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे बाद रेस्टोरेंट की दोबारा जांच करने के निर्देश दिए। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की और नियमों के अनुपालन की स्थिति का जायजा लिया।
तीन महीने में 165 फूड लाइसेंस सस्पेंड
तुकाराम मुंढे ने करीब तीन महीने पहले महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का पद संभाला था। 2005 बैच के महाराष्ट्र कैडर के IAS अधिकारी मुंडे ने इसके बाद पूरे राज्य में फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान तेज किया है। इस अभियान के तहत रेस्टोरेंट, आइसक्रीम पार्लर, डेयरी और ई-कॉमर्स सुविधाओं समेत कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया है। साफ-सफाई और फूड सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। मुंढे के मुताबिक, पिछले दो महीनों में FDA अधिकारियों ने 3,100 से ज्यादा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान करीब 165 फूड लाइसेंस सस्पेंड किए गए, जबकि 750 से ज्यादा प्रतिष्ठानों को सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए।

