जावरा (निप्र) समाज सेवा और परोपकार के क्षेत्र में जावरा के झामर परिवार ने एक प्रेरणादायी और सराहनीय कदम उठाया है। दिवंगत दिलीप झामर के स्वर्गवास के उपरांत उनके परिजनों ने नेत्रदान करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया, जिससे दो जरूरतमंद व्यक्तियों के जीवन में पुनः रोशनी लौट सकेगी और वे
इस सुंदर दुनिया को देख सकेंगे।
परिवार की सहमति से हुआ नेत्रदान
लायन्स क्लब जावरा द्वारा संचालित लायन्स नेत्र चिकित्सालय जावरा की टीम द्वारा यह पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
दिवंगत दिलीप झामर के भाई अशोक, विजय, संजय तथा पुत्र अमित और शोभित झामर की सहमति से यह महान पुनित कार्य किया गया।
लायन्स क्लब जावरा भारत विकास परिषद ने श्रद्धांजलि अर्पित कि गई।
लायन्स क्लब जावरा ने इस दुखद घड़ी में परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की है कि वे शोकाकुल झामर परिवार को इस वज्रपात को सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। लायन्स क्लब जावरा की ओर से झामर परिवार के इस परोपकारी कदम के लिए उन्हें साधुवाद देते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस पूरे सेवा कार्य के दौरान लायन्स क्लब जावरा के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
संदीप रांका (सचिव, लायन्स क्लब जावरा)
प्रदीप शर्मा (चैयरमेन, लायन्स नेत्र चिकित्सालय)
विपिन चौरडिया (कोषाध्यक्ष)
शेखर नाहर (अध्यक्ष, भारत विकास परिषद)
इसके साथ ही, लायन्स नेत्र चिकित्सालय की टीम के सदस्य अजय प्रजापत, विपुल पंवार और पूरण सिंह का नेत्रदान प्रक्रिया में विशेष और सराहनीय सहयोग रहा। झामर परिवार का यह निर्णय समाज के लिए एक मिसाल बन गया है, जो मरणोपरांत भी जीवन जीने की कला को चरितार्थ करता है।

