राजकोट शहर में मानसून का मौसम शुरू होते ही टूटी-फूटी सड़कों की समस्या और गंभीर होती जा रही है। शहर के इंद्रप्रस्थ नगर इलाके में रेहड़ी-पटरी वालों और कच्ची सड़कों से परेशान और परेशान स्थानीय लोगों का सब्र आखिरकार टूट गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए एक मोर्चा बनाया था, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं और थाली बजाकर नगर निगम के खिलाफ अनोखा और खास विरोध दर्ज कराया।
मिली जानकारी के मुताबिक, इंद्रप्रस्थ नगर सोसायटी में मेन रोड तक जाने वाली सड़क काफी समय से पूरी तरह कच्ची और टूटी-फूटी हालत में है। आम दिनों में इस सड़क से धूल के गुबार उड़ते हैं, लेकिन मानसून में बारिश होने से पूरी सड़क कीचड़ और कीचड़ में बदल जाती है। कच्ची सड़क पर गड्ढे और कीचड़ होने की वजह से ड्राइवरों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। मानसून में कई लोग फिसलकर गिरने से हादसों का शिकार भी हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस कच्ची सड़क को पक्का करने के लिए राजकोट म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (RMC) के अधिकारियों और स्थानीय नेताओं से बार-बार गुहार लगाई गई है। लेकिन, म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन सिर्फ आश्वासन देता है, मौके पर कोई काम नहीं होता।
प्रशासन के इस लापरवाही भरे रवैये से तंग आकर आखिरकार समाज के पुरुष और बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर उतर आईं। हाथों में थाली और बेलन लेकर महिलाओं ने कुंभकर्ण की नींद में सो रही म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन को थाली बजाकर और एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ नारे लगाकर जगाने की कोशिश की।
स्थानीय लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने जल्द से जल्द इस कच्ची सड़क को पक्का करने का काम शुरू नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन तेज किया जाएगा और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के सेंट्रल जोन ऑफिस का घेराव किया जाएगा।

