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नडियाद में ‘शेठ की शिक्षाओं का बोलबाला’! एक तरफ सफाई पर प्रवचन, दूसरी तरफ सरेआम कचरे का पहाड़: गंदगी फैलाता एक शख्स रंगे हाथों पकड़ा गया

नडियाद: “मेरा शहर, मेरी ज़िम्मेदारी” जैसे बड़े-बड़े नारों और सफाई अभियान के फ्लेक्स बैनरों के बीच, नडियाद शहर से एक आंखें खोलने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। नडियाद के MLA पंकजभाई देसाई शहर को सुंदर और साफ-सुथरा बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय नागरिकों की लापरवाही के कारण उनकी सारी कोशिशें नाकाम हो रही हैं। नडियाद के माई मंदिर गरनाला के पास सरेआम कचरा फेंककर गंदगी का साम्राज्य बनाने वाले एक शख्स को कैमरे में और स्थानीय लोगों के सामने रंगे हाथों पकड़ा गया है!

इस घटना ने साबित कर दिया है कि नडियाद में कुछ नागरिकों के लिए सरकारी शिक्षा ‘बस कुछ कदम’ तक ही सीमित रह गई है!

नागरिकों की विजिलेंट सिस्टम पर इतनी निर्भरता क्यों है?

एक तरफ नडियाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एडमिनिस्ट्रेशन और MLA शहर को सुंदर बनाने के लिए करोड़ों के खर्च से कैंपेन चला रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उसी शहर के कुछ गैर-ज़िम्मेदार लोग पब्लिक सड़कों और पवित्र जगहों के पास कचरा फेंककर पूरे शहर की सुंदरता खराब कर रहे हैं।

माई मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों के पास गंदगी: जिन नालियों से रोज़ हज़ारों भक्त और नागरिक गुज़रते हैं, उनमें बेशर्मी से कचरा डाला जा रहा है।
नियमों का उल्लंघन: एडमिनिस्ट्रेशन की बार-बार अपील के बावजूद, कुछ लोगों की ऐसी सोच की वजह से पूरा शहर महामारी की तरफ़ धकेला जा रहा है।

सवाल वही है… क्या यह सिर्फ़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की ज़िम्मेदारी है?

अरे नडियाद के लोगों! जागो! क्या शहर को साफ़ रखना सिर्फ़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के सफ़ाई कर्मचारियों या MLA की ज़िम्मेदारी है? हम खुद कब ज़िम्मेदार नागरिक बनेंगे?

  1. अगर हम अपने घर को साफ़ रख सकते हैं, तो घर से बाहर निकलते ही ये सड़कें गंदी क्यों हो जाती हैं?
  2. क्या प्रशासन ऐसे लापरवाह लोगों को छोड़ देगा जो खुले में कचरा फेंकते हैं या मिसाल के तौर पर सख्त कार्रवाई करेगा?
  3. क्या ‘मेरा शहर, मेरी ज़िम्मेदारी’ का नारा सिर्फ़ Facebook और सोशल मीडिया स्टेटस तक ही सीमित रह गया है?

अब सुधर जाओ! नहीं तो नडियाद कूड़े का ढेर बन जाएगा

घटना के दौरान पकड़े गए लोगों की वजह से पूरे इलाके में बहुत गुस्सा है। नडियाद के बुद्धिजीवी वर्ग की बस यही मांग है कि शहर के ऐसे लापरवाह और बदनाम करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अगर हम अपने घरों को ही साफ नहीं रखेंगे तो चाहे कितने भी मंत्री या MLA झाड़ू उठा लें, नडियाद कभी साफ नहीं होगा!

अब समय आ गया है कि हर नडियाद वासी अपनी ज़िम्मेदारी समझे और गंदगी फैलाने वाले ऐसे लोगों का खुलकर विरोध करे!

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