नई दिल्ली/अहमदाबाद : देश की राजधानी दिल्ली की धरती पर छात्रों और युवाओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए क्रूर लाठीचार्ज के बाद देश की सियासत चरम पर पहुंच गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में हुए ‘संसद मार्च’ के दौरान प्रदर्शन कर रहे बेगुनाह युवाओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज को लेकर सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोला है। देश का भविष्य छात्रों पर हुए इस अत्याचार को मुद्दा बनाते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है।
‘इस तरह लोगों को मारना भारतीयता नहीं है’: राहुल गांधी का कड़ा हमला
छात्रों पर हुए क्रूर लाठीचार्ज और हिरासत के बाद संसद भवन से लेकर सड़कों तक विरोध प्रदर्शनों का बवंडर खड़ा हो गया है। मीडिया के सामने आकर उन पर कड़ा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा:
“यह इस देश के करोड़ों स्टूडेंट्स की समस्याओं का सवाल है। यह हमारे देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बात है। अपने हक और भविष्य के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं पर इस तरह से बल प्रयोग करना और लोगों को बेरहमी से मारना कभी भी भारतीयता या भारतीय संस्कृति नहीं है!”
राहुल गांधी ने इस चौंकाने वाली स्थिति के लिए सीधे तौर पर देश के गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि जो सरकार अपने युवाओं की आवाज सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज करती है, उसे सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
पेपर लीक और युवाओं के गुस्से से दिल्ली गरमाई
गौरतलब है कि देश भर में फैले पेपर लीक कांड, शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य के साथ हो रही गड़बड़ी के खिलाफ छात्र संगठनों ने दिल्ली में संसद की ओर एक बड़े विरोध प्रदर्शन और मार्च की योजना बनाई थी। हालांकि, सुरक्षा के नाम पर पुलिस सिस्टम ने आंदोलनकारी युवाओं पर सख्त रुख अपनाया और उन पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया और कई छात्रों को हिरासत में ले लिया। पॉलिटिकल लड़ाई तेज़ हुई: दिल्ली से गुजरात तक गरमी
दिल्ली की घटना की गूंज अब गुजरात समेत पूरे देश में गहरी होती जा रही है। एक तरफ, विपक्षी नेता शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री के खिलाफ़ आक्रामक हो गए हैं, तो दूसरी तरफ़, युवा मोर्चों ने भी पूरे देश से लड़ाई के लिए हरी झंडी दे दी है।
पुलिस की इस बर्बरता और सिस्टम के अत्याचारों के खिलाफ़ खुद विपक्षी नेता के इस्तीफ़े की मांग करने से केंद्र सरकार बैकफुट पर जाने की स्थिति में है। ‘महानगर मेट्रो ‘ आपको इस विरोध प्रदर्शन के तूफ़ान पर लेटेस्ट अपडेट देगा!

