नागदा। नागदा के समीप उमरनी रेलवे फाटक से बनबनी साई मंदिर तक नवीन रेलवे पटरी बिछाने का प्रस्ताव क्षेत्र के किसानों, रहवासियों, व्यापारियों एवं शहर के समग्र विकास के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इस प्रस्तावित कार्य से न केवल अनेक लोगों की भूमि और आजीविका प्रभावित होगी, बल्कि शहर के निर्धारित मास्टर प्लान तथा भविष्य के विकास की संभावनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
कांग्रेस नेता बसंत मालपानी ने कहा कि नागदा का विकास वर्षों की योजनाओं और मास्टर प्लान को ध्यान में रखकर किया गया है। यदि बिना स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और प्रभावित पक्षों से व्यापक चर्चा किए ऐसा निर्णय लिया जाता है, तो इससे शहर के विकास की गति बाधित होगी और आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
श्री मालपानी ने क्षेत्र के भाजपा सांसद एवं अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से सवाल किया कि जब दिल्ली या रतलाम में इस परियोजना को लेकर निर्णय लिया जा रहा था, तब क्या उनकी राय ली गई थी? यदि ली गई थी तो उन्होंने नागदा के हितों की रक्षा के लिए क्या सुझाव दिए? और यदि उनकी राय नहीं ली गई, तो वे जनता के हितों की रक्षा करने में क्यों विफल रहे?
उन्होंने कहा कि शहर के विकास को अवरुद्ध करने वाले ऐसे निर्णयों पर भाजपा नेताओं की चुप्पी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के अधिकारों और शहर के भविष्य की रक्षा करना भी उनकी जिम्मेदारी है।
श्री मालपानी ने मांग की कि प्रस्तावित रेलवे लाइन के संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाए, प्रभावित किसानों, रहवासियों एवं व्यापारियों से चर्चा की जाए तथा शहर के मास्टर प्लान और जनहित को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए। यदि जनता के हितों की अनदेखी की गई, तो कांग्रेस आम नागरिकों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
बसंत मालपानी। नागदा से संवाददाता जीवनलाल जैन

