टॉयलेट गए युवक के लिए फैक्ट्री बनी मौत का जाल; फायर ब्रिगेड ने बचाया लेकिन जान नहीं बचा पाई, सिर्फ 30 मिनट में लाखों का सामान जलकर खाक हो गया
राजकोट : शहर में एक बार फिर आग लगने की भयानक घटना सामने आई है, जिसमें एक हंसता-खेलता परिवार बिखर गया है। राजकोट में एक सोफा फैक्ट्री में अचानक लगी भयानक आग में फैक्ट्री मालिक के दामाद की दर्दनाक मौत हो गई है। आग इतनी तेजी से फैली कि युवक टॉयलेट में फंस गया। फायर डिपार्टमेंट की टीम ने काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला, लेकिन हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इस भयानक आग में सिर्फ 30 मिनट में पूरी फैक्ट्री और लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया है।
टॉयलेट खत्म हो गया और समय निकलता जा रहा है!
मिली जानकारी के मुताबिक, राजकोट में ‘उत्तम सोफा’ नाम की फैक्ट्री में हमेशा की तरह काम चल रहा था। इस दौरान फैक्ट्री मालिक का दामाद वहीं मौजूद था और वह किसी काम से टॉयलेट गया था। उसी समय फैक्ट्री में अचानक किसी अनजान वजह से, जैसे शॉर्ट सर्किट या किसी और वजह से आग लग गई। सोफा बनाने में इस्तेमाल होने वाला मटीरियल, जैसे फोम, कपड़ा और लकड़ी होने की वजह से आग ने तेज़ी से भयंकर रूप ले लिया। टॉयलेट में फंसे युवक को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और अंदर ही उसका दम घुट गया।
30 मिनट में लाखों रुपये का सामान जल गया, फायरफाइटर्स की बड़ी कोशिश
घटना का पता चलते ही आसपास के इलाके में भारी भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर डिपार्टमेंट की टीम मौके पर पहुंची और पानी की बौछार करके आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगी। ऑक्सीजन मास्क पहने फायरफाइटर्स ने फैक्ट्री के अंदर फंसे युवक को बाहर निकालने के लिए कड़ी मशक्कत की। युवक को बचाकर तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। सिर्फ़ आधे घंटे में आग ने ‘उत्तम सोफ़ा’ फ़ैक्टरी में रखे लाखों रुपये के तैयार सोफ़े और कच्चा माल जलाकर खाक कर दिया।
प्रशासन पर फिर सवाल!
इस हादसे ने एक बार फिर इंडस्ट्रियल यूनिट्स में सुरक्षा उपकरणों और फ़ायर NOC को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या फ़ैक्टरी में आग बुझाने के लिए काफ़ी उपकरण थे? क्या कोई इमरजेंसी एग्ज़िट सिस्टम था? जब राजकोट में ऐसी लगातार आग लगने की घटनाएं बेगुनाह लोगों की जान ले रही हैं, तो क्या प्रशासन जांच के नाम पर सिर्फ़ कागज़ात चलाएगा या ऐसी खतरनाक फ़ैक्टरियों के ख़िलाफ़ कोई सख़्त कार्रवाई करेगा? यह देखना बाकी है। फ़िलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के सही कारण का पता लगाने के लिए FSL की मदद से आगे की जांच कर रही है।

