दिल्ली के इंडिया गेट पर रविवार रात पटेल नगर के एक परिवार ने पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी और मारपीट का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि लॉन खाली करने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद तीन पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज और हाथापाई की।
नई दिल्ली: पूरे सप्ताह नौकरी और भागदौड़ भरी जिंदगी के बाद एक मिडिल क्लास फैमिली रविवार को दिल्ली के इंडिया गेट पर घूमने का प्लान बनाती है। दिल्ली की पटेल नगर की रहने वाले इस परिवार के लिए इंडिया गेट पहुंचने के बाद घूमने-फिरने का प्लान तब एक डरावने अनुभव में बदल गया, जब रविवार रात कथित तौर पर पुलिसकर्मियों द्वारा बदसलूकी और मारपीट की गई। अब पीड़ित परिवार ने मामले में FIR दर्ज कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सोमवार को दिल्ली के एक सीनियर पुलिस अधिकारी को दी गई लिखित शिकायत में परिवार ने आरोप लगाया कि ‘तीन पुलिसकर्मियों ने उन्हें पास के लॉन से हटने के लिए कहा और फिर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। पीड़ित परिवार ने FIR दर्ज करने और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
टाइमिंग को लेकर हुआ विवाद
शिकायतकर्ता रीता सिंह के अनुसार, रविवार रात करीब 9 बजकर 20 मिनट पर कुछ पुलिसकर्मी लॉन पहुंचे और परिवार को वहां से जाने को कहा। परिवार ने पुलिसकर्मियों से कहा कि यहां से जाने का समय 9 बजकर 30 मिनट है, इसलिए उन्हें कुछ देर और रुकने दिया जाए।
पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप
रीता ने आरोप लगाया कि इस बात को लेकर पुलिसकर्मी इस बात को लेकर नाराज हो गए और परिवार के साथ मारपीट करने लगे। सिंह ने अपनी शिकायत में कहा, ‘जब मैंने बीच-बचाव किया तो उन्होंने मेरे परिवार के सदस्यों को थप्पड़ मारा और मेरा हाथ मरोड़ दिया।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ पुलिस वाले नशे में लग रहे थे।
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रीता सिंह के बेटे विक्की ठाकुर ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि जब परिवार ने पुलिस वालों से यह पूछा कि उन्हें 9.30 बजे से पहले क्यों जाना चाहिए, तो मामला और बढ़ गया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘उन्होंने ऊंची आवाज में बात की, गालियां दीं और हमारे साथ बदसलूकी की।’
‘बुजुर्ग को दिया धक्का’
विक्की ने आगे कहा, ‘जब पुलिस वालों ने हमारे कॉलर पकड़े और ज्यादा हिंसक हो गए, तो मेरी मां ने उन्हें रोकने की कोशिश की। उनमें से एक ने मेरी मां को कंधे से धक्का दिया और फिर उनका हाथ मरोड़ दिया। इससे उनकी उंगलियों में सूजन आ गई।’ लोक गायक ने सवाल उठाते हुए कहा, क्या किसी सार्वजनिक जगह पर जाने पर किसी के साथ ऐसा बर्ताव होना चाहिए?
विक्की ठाकुर के मुताबिक, परिवार ने मौके से कई बार पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल किया। कुछ देर बाद पीसीआर टीम मौके पर पहुंची। आरोप है कि पीसीआर टीम ने मामला दर्ज कराने के बजाय समझौता करने की सलाह दी। हालांकि, तब तक कथित तौर पर मारपीट करने वाले पुलिसकर्मी वहां से जा चुके थे। परिवार ने मेडिकल जांच कराने की मांग की, जिसके बाद उन्हें करीब रात 10:30 बजे जांच के लिए ले जाया गया। परिवार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया आधी रात तक चली।
दिल्ली पुलिस ने TOI को बताया कि नई दिल्ली के DCP को दी गई शिकायत के बाद मामले की जांच की जा रही है।

