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भावनगर में एसएमसी का भंडाफोड़: करोड़ों रुपये की व्हेल मछली की उल्टी (एम्बरग्रीस) बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया!

भावनगर शहर में राज्य निगरानी सेल (एसएमसी) की एक टीम ने एक सराहनीय ऑपरेशन को अंजाम देकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये की व्हेल मछली की उल्टी यानी ‘एम्बरग्रीस’ के अवैध व्यापार का भंडाफोड़ किया है। प्रतिबंधित मात्रा में कीमती एम्बरग्रीस बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे एक शातिर गिरोह की सूचना के आधार पर एसएमसी टीम ने एक फिल्म की घेराबंदी की है।

‘महानगर मेट्रो न्यूज’ पर पढ़ें करोड़ों रुपये के इस अंतरराष्ट्रीय काले कारोबार की ग्राउंड रिपोर्ट…

खुफिया जानकारी के आधार पर छापेमारी: करोड़ों रुपये की कीमत जब्त

प्राप्त विवरण के अनुसार, गांधीनगर राज्य निगरानी सेल की टीम को निश्चित और सटीक जानकारी मिली कि भावनगर पंथक में कुछ व्यक्ति भारी मात्रा में मूल्यवान व्हेल मछली की उल्टी (एम्बरग्रीस) ले जा रहे हैं और बड़े सौदे कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर एसएमसी टीम ने स्थानीय स्तर पर जाल बिछाया और निगरानी रखी.

पुलिस ने जब संदिग्धों से पूछताछ की और तलाशी ली तो उनके पास से बड़ी मात्रा में कीमती व्हेल उल्टी बरामद हुई. पुलिस ने हजारों रुपये नकद, मोबाइल फोन और वाहन समेत बड़ी मात्रा में एम्बरग्रीस जब्त कर पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया है. जब्त एम्बरग्रीस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है.

यह ‘व्हेल मछली की उल्टी’ (एम्बरग्रीस) क्या है और यह इतनी महंगी क्यों है?
बहुत से लोग सोच रहे होंगे कि मछली की उल्टी के पीछे अपराधी इतने पागल क्यों हैं?
तैरता हुआ सोना: एम्बरग्रीस को समुद्र का ‘तैरता हुआ सोना’ कहा जाता है। यह स्पर्म व्हेल मछली के पाचन तंत्र से स्रावित एक मोमी पदार्थ है।
परफ्यूम में उपयोग: एम्बरग्रीस का उपयोग दुनिया के सबसे महंगे और ब्रांडेड परफ्यूम बनाने में किया जाता है, क्योंकि यह परफ्यूम की खुशबू को लंबे समय तक बरकरार रखने में मदद करता है।

कानूनी प्रतिबंध: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम भारत में व्हेल मछली और उससे संबंधित किसी भी चीज़ के व्यापार या तस्करी पर सख्ती से प्रतिबंध लगाता है।
पुलिस ने बड़े लोगों के शामिल होने की आशंका जताते हुए कानूनी कार्रवाई की

एसएमसी द्वारा गिरफ्तार सभी आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन और वन विभाग को सौंपने का प्रयास किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गिरोह यह मात्रा समुद्र के किस किनारे से लाया था? इस नेटवर्क के तार किन अंतरराष्ट्रीय तस्करों से जुड़े हैं? और करोड़ों की इस कीमत को भावनगर में कौन खरीदने वाला था?

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