जब भी गुजरात की राजनीति में युवा जोश, तेज़ी से फ़ैसले लेने और लोगों से जुड़े रहने की बात आती है, तो एक नाम सबसे आगे आता है – हर्ष संघवी। सूरत के एक आम युवा कार्यकर्ता से लेकर राज्य के सबसे अहम गृह विभाग की ज़िम्मेदारी संभालने तक का उनका सफ़र अद्भुत और प्रेरणादायक है। भले ही वे आधिकारिक तौर पर गृह राज्य मंत्री हैं, लेकिन पूरी सरकार और जनता के बीच उनका असर ‘डिप्टी सीएम’ जैसा ही मज़बूत है। इसी सक्रियता की वजह से
जनता उन्हें गुजरात का ‘सुपर मिनिस्टर’ मानती है।
हर्ष संघवी के व्यक्तित्व और उनके दमदार कामकाज पर यह खास लेख ‘पक्को गुजरात न्यूज़’ के पाठकों के लिए पेश किया जा रहा है।
- सूरत के बेटे से एक ताकतवर मंत्री बनने तक का सफ़र
हर्ष संघवी का जन्म 8 जनवरी 1985 को सूरत के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। कम उम्र से ही समाज सेवा और राजनीति में रुचि रखने वाले हर्ष संघवी बीजेपी युवा मोर्चा के सक्रिय सदस्य बने।
सबसे युवा विधायक: 2012 में, सिर्फ़ 27 साल की उम्र में, उन्होंने सूरत की मजुरा सीट से चुनाव लड़ा और गुजरात विधानसभा के सबसे युवा विधायक बने। इसके बाद, 2017 और 2022 के चुनावों में रिकॉर्ड वोटों से जीतकर उन्होंने अपनी लोकप्रियता साबित की।
कैबिनेट में बड़ा पद: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार में हर्ष संघवी को गुजरात के गृह मंत्री जैसा बहुत ज़िम्मेदारी वाला पद दिया गया। गृह विभाग के अलावा, वे खेल, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और परिवहन जैसे अहम विभाग भी संभाल रहे हैं, जो दिखाता है कि सरकार में उनका कद कितना बड़ा है।
- एक्शन मोड और ज़मीनी स्तर पर काम करने का अंदाज़
हर्ष संघवी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे AC केबिन में बैठकर आदेश देने के बजाय खुद ज़मीनी स्तर (ग्राउंड ज़ीरो) पर जाकर काम करना पसंद करते हैं, जबकि आमतौर पर बड़े नेता या डिप्टी सीएम रैंक के अधिकारी ऐसा करते हैं। देर रात अचानक दौरा: गृह मंत्री बनने के बाद से ही, उन्होंने अलग-अलग शहरों के पुलिस स्टेशनों और चेकपोस्टों पर देर रात अचानक जाकर पुलिस सिस्टम को हमेशा अलर्ट मोड पर रखा है।
आपदा प्रबंधन: चाहे सूरत में बाढ़ की स्थिति हो या चक्रवात की आपदा, हर्ष संघवी खुद आधी रात तक कंट्रोल रूम में बैठकर या प्रभावित इलाकों का दौरा करके राहत कार्यों की सीधी निगरानी करते हैं।
- कानून-व्यवस्था: अपराधियों में खौफ
हर्ष संघवी के कार्यकाल में गुजरात पुलिस ने अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उनके नेतृत्व में लिए गए कुछ बड़े फैसले और अभियान इस प्रकार हैं:
ड्रग माफिया के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक: उन्होंने गुजरात तट से करोड़ों रुपये की ड्रग्स जब्त करके ‘ड्रग-फ्री गुजरात’ अभियान को गति दी है। उन्होंने ड्रग्स के उस काले कारोबार की जड़ें हिला दी हैं जो युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है।
सूदखोरों के खिलाफ महा-अभियान: गरीबों और मध्यम वर्ग को उन सूदखोरों के अत्याचार से बचाने के लिए, जो उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर कर रहे थे, उन्होंने पूरे राज्य में ‘लोक दरबार’ आयोजित किए और सैकड़ों लालची सूदखोरों को जेल भेजा।
महामारी और बाढ़ के दौरान सख्त आदेश: बाढ़ की स्थिति में देर रात तक अधिकारियों की क्लास लेना और जनता को तुरंत मदद पहुंचाना उनके बेहतरीन प्रशासनिक कौशल को दिखाता है।
- युवा हृदय सम्राट और सोशल मीडिया पर जुड़ाव
हर्ष संघवी आज के डिजिटल युग के नेता हैं। वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाखों युवाओं से सीधे जुड़े हुए हैं। अगर कोई आम नागरिक पुलिस की मदद या किसी परेशानी के लिए उन्हें ट्विटर (X) पर टैग करता है, तो हर्ष संघवी का ऑफिस तुरंत उस पर ध्यान देता है और मदद पहुंचाता है। यही कारण है कि लोग उन्हें अपना सबसे करीबी और सबसे ताकतवर रक्षक मानते हैं।
महानबागार मेट्रो न्यूज़ की राय:
हर्ष संघवी सिर्फ एक मंत्री नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की प्रगतिशील सोच के प्रतीक हैं। भले ही अभी आधिकारिक तौर पर डिप्टी सीएम का पद नहीं है, लेकिन जिस तरह से हर्ष संघवी पूरे राज्य के प्रशासन और गृह विभाग को मजबूती से संभाल रहे हैं, उससे साबित होता है कि उनके पास गुजरात सरकार के ‘अघोषित डिप्टी चीफ मिनिस्टर’ जैसी ही ताकत है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य की गुजरात की राजनीति में उनका कद कितना ऊंचा होता है!

