चंडीगढ़/दिल्ली : पूरे देश में अपनी ज़मीन बचाने के लिए जूझ रही कांग्रेस के लिए एक और राज्य से बहुत बुरी खबर आ रही है। पंजाब कांग्रेस में ऐसी भयानक स्थिति पैदा हो गई है कि कभी भी कोई बड़ा धमाका हो सकता है और पूरी पार्टी दो हिस्सों में बंट सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा बुलाई गई एक सीक्रेट मीटिंग में 50 से ज़्यादा दिग्गज कांग्रेसी नेता इकट्ठा हुए, जिससे हाईकमान के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। इन नेताओं ने एकमत होकर दिल्ली दरबार को चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को तुरंत उनके पद से नहीं हटाया गया, तो पंजाब में कांग्रेस बर्बाद हो जाएगी।
चन्नी ग्रुप आर-पार के मूड में: “वडिंग हटाओ, कांग्रेस बचाओ” का नारा!
कांग्रेस के अंदर चल रही यह अंदरूनी कलह अब चंडीगढ़ की सड़कों तक पहुंच गई है। चन्नी की लीडरशिप में इकट्ठा हुए बागी नेताओं का कहना है कि राजा वडिंग की तानाशाही और मनमाने फैसलों की वजह से पंजाब में पार्टी बर्बाद हो रही है। सीनियर नेताओं को लगातार इग्नोर किया जा रहा है। हाईकमान के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल चुके इस ग्रुप ने साफ कह दिया है कि अब समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। अगर दिल्ली में बैठे नेता समय रहते नहीं जागे तो पंजाब में कांग्रेस का वजूद ही सवालों के घेरे में आ जाएगा।
कांग्रेस MP की दिल्ली में अमित शाह से सीक्रेट मीटिंग: क्या BJP बाजी जीत पाएगी?
इस पूरी अंदरूनी लड़ाई के बीच सबसे बड़ा भूचाल तब आया जब पंजाब कांग्रेस के एक पुराने MP देश के होम मिनिस्टर अमित शाह से मिलने दिल्ली पहुंच गए! पॉलिटिकल गलियारों में इस बात की खूब चर्चा है कि BJP ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह का सीधा फायदा उठाने के लिए अपनी ‘चाणक्य पॉलिसी’ शुरू कर दी है। अगर कांग्रेस MP और MLA भगवा रंग अपना लेते हैं तो इसका झटका सिर्फ पंजाब में ही नहीं बल्कि नेशनल लेवल पर राहुल गांधी की स्ट्रैटेजी को भी लगेगा। बड़ा सवाल: पंजाब में, जहां कांग्रेस अपनी वापसी का सपना देख रही है, वहां उसके अपने नेता ही पार्टी को डुबाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? क्या यह बगावत कांग्रेस-मुक्त पंजाब की ओर एक नया इशारा है?
‘महानगर मेट्रो ‘ से तीखे सवाल:
देश बचाने की बात करते हुए, कांग्रेस अपने ही राज्यों में अपने नेताओं को क्यों नहीं बचा पा रही है?
क्या चरणजीत सिंह चन्नी का यह गुस्सा सच में पार्टी बचाने के लिए है या सत्ता वापस पाने की आखिरी लड़ाई है?
अमित शाह से MP की मीटिंग के बाद, क्या पंजाब में भी मध्य प्रदेश या महाराष्ट्र जैसा कोई राजनीतिक खेल खेला जाएगा?
पंजाब कांग्रेस में लगी यह आग अब दिल्ली तक पहुंच गई है। या तो हाईकमान को झुकना पड़ेगा या पंजाब में कांग्रेस के टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे। ‘पक्को गुजरात’ पूरे देश में इस राजनीतिक उथल-पुथल पर कड़ी नज़र रखेगा।

