दिल्ली के ओखला फेज-2 स्थित एक फैक्ट्री में FSSAI और मिशन मुक्ति NGO के साथ संयुक्त छापेमारी की। जांच में पता चला कि आरोपी कम कीमत पर एक्सपायर हो चुके विदेशी बैंड के खाद्य उत्पाद खरीदते थे। मामले में फैक्ट्री मालिक समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
नई दिल्लीः ओखला फेज-2 स्थित एक फैक्ट्री में एक्सपायर और एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके नामी अंतरराष्ट्रीय ब्रैड के खाद्य उत्पादों की निर्माण और एक्सपायरी डेट बदलकर उन्हें नए पैक में बाजार और ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म पर बेचा जा रहा था। पुलिस ने मौके से 20 लाख रुपये से अधिक कीमत का सामान और डेट बदलने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें जब्त की है। मामले में फैक्ट्री मालिक समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
7 आरोपी गिरफ्तार
पकड़े गए आरोपियों की पहचान दर्शन सिंह (70), नितेश भारद्वाज (38), नरेंद्र कुमार (42), कपिल (34), लकी ओझा (45), प्रेम यादव (33) और पवन कुमार (32) के रूप में हुई है। DCP डॉ. हेमंत तिवारी के अनुसार, नकली सामान की काफी समय से शिकायत मिल रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए ACP अनिल शर्मा की देखरेख में SI अतुल, तेजपाल, ASI मनोज ने जांच शुरू की।
एक कंपनी में संयुक्त छापेमारी की
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर SDM बदरपुर, FSSAI और मिशन मुक्ति NGO के साथ ओखला फेज-2 स्थित एक कंपनी में संयुक्त छापेमारी की। शुरुआती उद्देश्य बाल श्रमिकों की तलाश थी, लेकिन जांच के दौरान कोई नाबालिग नहीं मिला। इसके बजाय फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर एक्सपायरी डेट बदलने और दोबारा पैकिंग का पूरा खेल सामने आया।
फर्जी डेट लगाकर बेचते थे विदेशी ग्रैंड के असली सामान
जांच में पता चला कि आरोपी कम कीमत पर एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके या एक्सपायर हो चुके विदेशी बैंड के खाद्य उत्पाद खरीदते थे। इसके बाद केमिकल थिनर से पुराने निर्माण और एक्सपायरी की तारीख मिटाई जाती थी। फैक्ट्री में लगी प्रिंटिंग मशीनों से नई तारीख, बारकोड, एमआरपी, अन्य लेबल छापकर नए जैसा बना दिया जाता था। इसके बाद उन्हें दोबारा पैक कर बाजार और विभिन्न ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म के जरिए बेचा जाता था।

