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जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन का 15वां दिन: ‘धर्मेंद्र प्रधान पीएम मोदी के लिए इतने जरूरी क्यों?’, सोनम वांगचुक की गिरती सेहत के बीच बोले अभिजीत दिपके

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जंतर-मंतर पर जारी है और उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है. उनका वजन 5 किलो कम हो चुका है. सीजेपी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है और सरकार पर सवाल उठाए हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी का शनिवार को 15वां दिन और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 7वां दिन है. उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है और उनका वजन 5 किलो कम हो गया है. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अब तक बर्खास्त क्यों नहीं किया गया. वहीं वांगचुक ने लद्दाख मुद्दे पर सरकार और लद्दाख प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में डेवलपमेंट का स्वागत किया है.

सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर पिछले सात दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. सीजेपी का कहना है कि परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए. सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक्स पर लिखा कि वांगचुक की सेहत हर दिन बिगड़ रही है. उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री मोदी धर्मेंद्र प्रधान को हटाने का इंतजार आखिर कब तक करेंगे.

दिपके ने लिखा कि सोनम सर का वजन 5 किलो कम हो चुका है और उनकी तबीयत हर दिन खराब हो रही है. उन्होंने सवाल किया कि 20 छात्रों की मौत के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी धर्मेंद्र प्रधान को क्यों नहीं हटा रहे हैं.

दिपके ने यह भी कहा कि अगर सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती तो वांगचुक को कुछ भी हुआ तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी. उन्होंने साफ किया कि जब तक कार्रवाई नहीं होती वांगचुक अपनी भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे.

शुक्रवार रात वांगचुक ने एक्स पोस्ट में लद्दाख मुद्दे पर हुई डेवलमेंट का स्वागत किया और सरकार से शिक्षा में जवाबदेही पर ध्यान देने की अपील की. लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधियों ने बताया कि गृह मंत्रालय के साथ उनकी बातचीत में मतभेद सुलझ गए हैं. दोनों संगठनों ने इस सफलता का श्रेय वांगचुक की भूख हड़ताल को दिया.

इसके अलावा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के छह छात्र भी जंतर मंतर पर अलग मंच से भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं. इस प्रदर्शन को सीपीआई (एम), सीपीआई, कांग्रेस समेत कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है. यह प्रदर्शन 20 जून को नीट सहित कई परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर शुरू हुआ था.

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