जयपुर, तारीख : राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रदर्शन स्थल पर माहौल अचानक तनावपूर्ण होने के बाद एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मामला तब बिगड़ा जब आरक्षण की मांग को लेकर जमा हुए प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस और STF की टीमों ने लाठीचार्ज किया और सैकड़ों आंसू गैस के गोले दागे गए। हालांकि, पता चला है कि पुलिस के सख्त रुख के बाद अब स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है।
डेलीगेशन की मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री आवास घेरने की जिद पर हंगामा
मिली जानकारी के मुताबिक, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के पदाधिकारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विद्याधर नगर स्टेडियम में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के एक डेलीगेशन की दोपहर में सचिवालय में उच्च अधिकारियों के साथ मीटिंग भी हुई। मीटिंग के बाद जब नेता पंडाल लौटे और धरना खत्म करने पर बातचीत हो रही थी, तो भीड़ में से कुछ असामाजिक तत्व और युवा मुख्यमंत्री के घर को घेरकर वहीं डेरा डालने पर अड़ गए।
प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव, पुलिस ने 70 से ज़्यादा आंसू गैस के गोले दागे
इसी बीच, प्रदर्शनकारियों ने अचानक पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख मौके पर तैनात STF और RAC के जवान तुरंत हरकत में आ गए। पुलिस ने गुस्साई भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और 70 से ज़्यादा आंसू गैस के गोले दागे और पूरे पंडाल को खाली करा लिया। भीड़ को आसपास के रिहायशी इलाकों में घुसने से रोकने के लिए सीकर रोड समेत सभी कनेक्टिंग रोड पर कड़ी पुलिस सुरक्षा तैनात की गई थी।
पुलिस कमिश्नर मौके पर, 15 से ज़्यादा उपद्रवी गिरफ्तार
इस हिंसक हंगामे के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल और DCP नॉर्थ करण शर्मा बड़े अधिकारियों के साथ काफिले के साथ मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस ने आंदोलन के नेता समेत 15 से ज़्यादा दंगाइयों को सरकारी काम में रुकावट डालने और तोड़फोड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया है और कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस की सतर्कता और सख्त कार्रवाई की वजह से फिलहाल पूरे इलाके में शांति का माहौल है और हालात पूरी तरह से काबू में हैं।

