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दिल्ली : टिल्लू ताजपुरिया गैंग का मुख्य शार्प शूटर डागू महाराज गिरफ्तार, चचेरा भाई को भी दबोचा

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने टिल्लू ताजपुरिया गैंग के शार्प शूटर संदीप उर्फ डागू महाराज और उसके भाई दीपक को गिरफ्तार किया। दोनों पर अलीपुर में विवादित जमीन पर कब्जे के दौरान फायरिंग और हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कुख्यात टिल्लू ताजपुरिया गैंग के एक सक्रिय शार्प शूटर को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी पिछले साल अलीपुर इलाके में एक विवादित जमीन पर कब्जे के दौरान हुई अंधाधुंध फायरिंग और जानलेवा हमले के मामले में वॉन्टेड था। आरोपी संदीप उर्फ डागू महाराज (40) है। पुलिस ने इसके चचेरे भाई दीपक (32) को भी गिरफ्तार किया है। दोनों ही सोनीपत हरियाणा के रहने वाले हैं।

यह है पूरा मामला

पुलिस अधिकारी ने बताया, 30 अक्टूबर 2025 को दिल्ली के रमजानपुर गांव में एक विवादित प्लॉट पर अवैध कब्जा करने के इरादे से 30 से 45 हथियारबंद बदमाश इकट्ठा हुए थे।
इस दौरान बदमाशों ने इलाके में दहशत फैलाने के लिए करीब 12 राउंड गोलियां चलाईं, प्लॉट का ताला तोड़ने की कोशिश की और लाठी-डंडों से कई लोगों पर जानलेवा हमला किया था।
अलीपुर थाने में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।
तभी से आरोपी मामले में फरार चल रहा था। क्राइन ब्रांच की नॉर्दन रेंज (2) टीम को सूचना मिली थी कि डागू महाराज अपने एक साथी के साथ काले रंग की स्कॉर्पियो-एन गाड़ी में अवैध हथियारों के साथ नरेला इलाके में आने वाला है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नरेला यूईआर-II रोड के पास जाल बिछाया।
जैसे ही संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी वहां पहुंची, पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस को देख आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा किया और दोनों को दबोच लिया।
पुलिस ने डागू महाराज के पास से एक अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस बरामद हुए। वहीं, उसके भाई दीपक के पास से भी 4 जिंदा कारतूस मिले। इसके अलावा अपराध में इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो कार को भी जब्त कर लिया गया है।

जेल में आया था टिल्लू ताजपुरिया के संपर्क में

पूछताछ में सामने आया कि डागू महाराज साल 2011 में पहली बार मोबाइल स्नैचिंग में पकड़ा गया था, जिसके बाद वह अपराध की दुनिया में धंसता चला गया। उस पर मर्डर और अटेम्प्ट टू मर्डर के कई केस दर्ज हैं। सोनीपत जेल में रहने के दौरान वह टिल्लू ताजपुरिया के संपर्क में आया। टिल्लू ने उसे पैसों और रसूख का लालच देकर अपने गैंग में शामिल किया और जेल से छूटने के बाद एक इंटरनैशनल वॉट्सऐप नंबर के जरिए जुड़े रहने को कहा। इसी सिंडिकेट के इशारे पर उसने अक्टूबर 2025 में रमजानपुर गांव वाले विवादित प्लॉट पर कब्जे के लिए फायरिंग की थी। महाराज के खिलाफ पहले से दिल्ली और हरियाणा में हत्या व आर्म्स एक्ट के 6 मामले दर्ज हैं, जबकि दीपक भी मर्डर और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के 4 मामलों में शामिल रहा है।

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