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दालमंडी प्रोजेक्ट: लंगड़ा हाफिज समेत चार मस्जिदों के मामले में बातचीत बढ़ी, प्रशासन की प्रक्रिया हुई तेज

वाराणसी दालमंडी रोड चौड़ीकरण परियोजना की गति को तेज करने की दिशा में प्रयास बढ़ाया गया है। चार मस्जिदों के साथ बातचीत अंतिम चरण में पहुंचने की बात सामने आई है।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दालमंडी प्रोजेक्ट की गति को तेज करने की दिशा में कदम उठाया गया है। इस परियोजना के दायरे में आने वाली मस्जिदों की अधिग्रहण प्रक्रिया ने गति पकड़ी है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में प्रयास तेज किए गए हैं। दरअसल, दालमंडी परियोजना के दायरे में छह मस्जिदें आ रही हैं। इनमें से चार के मामले में उनके मुतवल्ली, प्रबंधन कमेटी और पीडब्ल्यूडी के बीच सहमति अनुबंध कराया जाएगा। इस संबंध में संबंधित पक्षों से प्रशासन, पुलिस और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की सोमवार देर रात तक बातचीत चली। इस बीच प्रशासन को एक मस्जिद के फर्जीवाड़े का भी पता चला है। मस्जिद बताकर इसके व्यक्तिगत इस्तेमाल की बात सामने आई है।

80 फीसदी भवनों की हुई खरीद

दालमंडी प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासन की ओर से पिछले वर्ष के आखिर से ही प्रक्रिया चल रही है। इस क्रम में अधिकारियों का दावा है कि चिह्नित भवनों में से 80 फीसदी की खरीद हो चुकी है। अन्य बचे भवनों की खरीद प्रक्रिया को पूरी कराने के लिए बातचीत चल रही है। प्रशासन का दावा है कि लंगड़ा हाफिज, मिर्जा करीमुल्लाह बेग, संगमरमर वाली, अली रजा खान, निसारन खां सहित छह मस्जिदों की खरीद पर वार्ता चल रही है।

आधिकारिक सूत्रों का दावा है कि सोमवार को अधिकारियों और मस्जिदों के प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों के बीच कई राउंड की बातचीत हुई। इनमें चार मस्जिदों को देने पर कमिटी की ओर से लगभग हामी भरी जा चुकी है। इसके साथ ही सहमति अनुबंध तैयार कराने पर भी बातचीत हुई है। मंगलवार को मस्जिद के बाहर अधिकारियों को मापी करते भी देख गया।

पीडब्लूडी को सौंपी जाएंगी मस्जिदें

एग्रीमेंट फाइनल होने के बाद मस्जिदों को पीडब्लूडी को सौंप दिया जाएगा। सम्पत्ति को आवश्यक भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत लिया जा रहा है। इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है। हालांकि, इतना जरूर कहा जा रहा है कि मस्जिदों के अधिग्रहण के संबंध में वार्ता चल रही है। जल्द ही इसमें कामयाबी मिलेगी।

हाई कोर्ट पहुंची मस्जिद कमिटी

दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रभावित भवन स्वामियों के बाद अब करीब 200 साल पुरानी लंगड़े हाफिज मस्जिद ने भी हाई कोर्ट का रुख किया है। मस्जिद कमिटी को परियोजना के तहत ध्वस्तीकरण की आशंका सता रही है। मस्जिद खुदा बख्श जायसी उर्फ लंगड़े हाफिज और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद के सचिव की ओर से दायर याचिका में प्रशासनिक कार्रवाई को चुनौती देते हुए मस्जिद के धार्मिक स्वरूप, अस्तित्व और कब्जे की सुरक्षा की मांग की गई है।

याचिका में राज्य सरकार, वक्फ विभाग, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, लोक निर्माण विभाग और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को पक्षकार बनाया गया है। मस्जिद प्रबंधन का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना के नाम पर मस्जिद या उसके हिस्से को छोड़ने और सरेंडर करने का दबाव बनाया जा रहा है।

कोर्ट से किया है अनुरोध

मस्जिद कमिटी ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखी जाए। उन्होंने बिना कानूनी प्रक्रिया के किसी प्रकार की ध्वस्तीकरण या अधिग्रहण कार्रवाई न किए जाने की मांग की है। इस मामले में जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस विवेक सरन की खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश एडिशनल एडवोकेट जनरल को विस्तृत निर्देश प्राप्त करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को निर्धारित की है। दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के दायरे में कुल 181 भवन और छह मस्जिदें बताई जा रही हैं।

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