मुंबई में शुक्रवार को पब्लिक ट्रांसपोर्ट डे के बीच बेस्ट कर्मचारियों की अचानक हड़ताल ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। शहर की दूसरी लाइफलाइन मानी जाने वाली बेस्ट बस सेवा ठप होने से लाखों यात्रियों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
मुंबई: जहां एक तरफ शुक्रवार को बीकेसी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट डे मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ गुरुवार रात से बेस्ट वर्कर (बस और इलेक्ट्रिसिटी) स्ट्राइक पर चले गए है। गुरुवार शाम को हुई बैठक में बेस्ट समिति के मेंबर नितिन नांदगांवकर ने सभी कर्मचारियों के बीच कहा कि रात 12 बजे के बाद डिपो से एक भी बस बाहर नहीं जानी चाहिए। इसी के साथ आंदोलन का ऐलान कर दिया गया। बैठक में ड्राइवर, कंडक्टर और अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे।
मुंबई की दूसरी लाइफ लाइन मानी जाती है बेस्ट
बेस्ट मुंबई की दूसरी लाइफ लाइन मानी जाती है। ऐसे में यदि कर्मचारी स्ट्राइक पर जाते है और बस नहीं चलती है, तो यात्रियों को इसका काफी नुकसान होगा, जो प्रतिदिन यात्रा करते है। उनके आवागमन प्रभावित होगा। बता दें कि यह स्ट्राइक कर्मचारियों के लंबित मांगों के लिए किया जा रहा है। हालांकि इंडस्ट्रियल कोर्ट ने बेस्ट की याचिका पर अंतरिम आदेश जारी करते हुए ‘बेस्ट कामगार संयुक्त कृती समिति’ से जुड़े कर्मचारियों और वेट-लीज ऑपरेटरों को 18 जून की मध्यरात्रि से प्रस्तावित हड़ताल पर जाने से अस्थायी रूप से रोक दिया है। लेकिन फिर भी यह स्ट्राइक ली जा रही है। बता दें कि एमएमआरडीए ने ट्रांसपोर्ट डे के लिए बेस्ट प्रशासन से अतिरिक्त बसों की मांग की थी. ऐसे में यदि बस चली ही नहीं, तो ऑटो वालों की मनमानी का मंजर भी देखने मिलेगा।
क्या है मांगें
BMC के साथ बेस्ट बजट का विलय
वेतन समझौता
बकाया भुगतान
कौंट्राक्टिकरन पर रोक
नई बसों को शामिल करना
बेस्ट ने 12 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की
पब्लिक ट्रांसपोर्ट डे के मद्देनज़र बेस्ट ने 12 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है। इनमें बस मार्ग क्रमांक 310, बीकेसी-2 और बीकेसी-3 पर चार-चार अतिरिक्त बसें लगाई जाएंगी। बेस्ट के आंकड़ों के अनुसार बीकेसी क्षेत्र में सामान्य दिनों में 16 बस मार्गों पर 125 बसों के जरिए 176 फेरे संचालित किए जाते हैं। इसी के साथ ही चलो प्रीमियम’ ऐप आधारित 104 बसें भी बीकेसी क्षेत्र में उपलब्ध रहेंगी तथा यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए अतिरिक्त कर्मचारी और निरीक्षक तैनात किए जाएंगे। हालांकि यदि स्ट्राइक चालू रही तो आम दिनों में चलने वाली बसें भी प्रभावित रहेंगी।

