बंगाल में टीएमसी और महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी के टूटने के बाद अब शरद पवार की पार्टी में बगावत की आशंका व्यक्त की जा रही है। सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार के दिल्ली दौरे ने सीनियर पवार की चिंता बढ़ा दी है। दोनों नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। शिंदे के अपनी ताकत बढ़ाने पर सुनेत्रा भी अपने सांसदों की संख्या बढ़ा सकती हैं।
क्या शिवसेना यूबीटी के बाद टूटेगी शरद पवार की पार्टी।
मुंबई: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के सांसदों में बगावत के बाद राजनीति गरमाई हुई है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि मानसून सत्र तक लोकसभा में एनडीए सरकार का संख्याबल 360 हो सकता है। इस सब के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार के दिल्ली दौरे से महाराष्ट्र में सरगर्मी बढ़ा दी है। चर्चा हो रही है कि क्या बगावत का तूफान बारामती तक पहुंचेगा। अटकलें है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) में बगावत हो सकती है।
NCP के संपर्क में शरद के सांसद
दावा किया जा रहा है कि शिवसेना यूबीटी की तरह ही शरद पवार के सांसद साथ छोड़कर सुनेत्रा पवार की अगुवाई वाली एनसीपी की तरफ रुख कर सकते हैं। शरद पवार की पार्टी के पास 8 सांसद हैं। ऐसे में पांच सांसद पाला बदल सकते हैं। सांसदों में सुप्रिया सुले भी शामिल हैं। शरद पवार की बेटी अभी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि मूल एनसीपी के नेता विलय के पक्ष में नहीं है। इसीलिए अभी तक बात आगे नहीं बढ़ पाई है। सुप्रिया सुले ने लोकसभा चुनावों में सुनेत्रा पवार को हराया था। अजित पवार की मौत के बाद दोनों परिवार पास आए थे लेकिन विलय नहीं हो पाया था।
सुनेत्रा पवार भी बढ़ा सकती हैं पावर
एकनाथ शिंदे की शिवसेना में उद्धव ठाकरे के छह सांसद आने से कुल संख्या 13 हो जाएगी। ऐसे में शिंदे का कद दिल्ली में न सिर्फ बढ़ेगा बल्कि उनके बेटे श्रीकांत शिंदे मंत्री भी बन सकते हैं। सुनेत्रा पवार की अगुवाई वाली एनसीपी एनडीए का हिस्सा है लेकिन मोदी सरकार में कोई मंत्री नहीं है। ऐसे संभावना है कि अगर पांच सांसद पाला बदलकर सुनेत्रा की तरफ जाते हैं तो पार्टी के पा कुल सांसद छह हो जाएंगे। ऐसे में केंद्रीय मंत्रिमंडल के फेरबदल में एनसीपी को भी मंत्री पद मिल सकता है।
शरद पवार के सामने दो विकल्प
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि शरद पवार जल्द ही सांसदों की बैठक बुला सकते हैं। अगर इसमें शिवसेना यूबीटी जैसी स्थिति का निर्माण हुआ तो सीनियर पवार के सामने दो ही विकल्प बचेंगे। वे या तो बहू सुनेत्रा पवार का नेतृत्व स्वीकार करें या फिर अपनी बेटी सुप्रिया सुले को मूल एनसीपी में विलय के लिए राजी करें। इन दोनों ही स्थिति में एनसीपी का विलय होगा। चर्चा यहां तक है कि ऐसी स्थिति में सुप्रिया सुले केंद्र में मंत्री बन सकती है। दावा किया जा रहा है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो शरद पवार के छह सांसद साथ छोड़ सकते हैं।

