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वेस्टर्न रेलवे का मॉनसून से पहले अनोखा प्रयोग, माटुंगा-माहिम में कलवर्ट की सफाई के लिए पहली बार पंप की गई ऑक्सीजन

मुंबई में मॉनसून के दौरान उपनगरीय रेल सेवाओं को जलभराव से बचाने के लिए पश्चिम रेलवे ने गुरुवार को पहली बार अनोखा प्रयोग किया है। माटुंगा रेलवे वर्कशॉप के नीचे स्थित 250 मीटर लंबे कलवर्ट (जल निकासी मार्ग) की सफाई के लिए उसमें ऑक्सीजन पंप की गई,

मुंबई: मुंबई में मानसून के दौरान उपनगरीय रेल सेवाओं को जलभराव से बचाने के लिए पश्चिम रेलवे ने पहली बार अनोखा प्रयोग किया है। माटुंगा रेलवे वर्कशॉप के नीचे स्थित 250 मीटर लंबे कलवर्ट (जल निकासी मार्ग) की सफाई के लिए उसमें ऑक्सीजन पंप की गई, ताकि सफाईकर्मी सुरक्षित रूप से अंदर प्रवेश कर सकें और वर्षों से जमा गाद व कचरे को निकाल सकें, जो की मीथेन गैस की वजह से मुश्किल था। साथ ही ट्रैक को 6 इंच तक ऊंचा किया गया और फ्लोटिंग कैमरा और कुछ मशीन लगाई गई।

चुनौतीपूर्ण ड्रेनेज प्वाइंट्स में से एक

मिली जानकारी के अनुसार, यह कलवर्ट दादर-धारावी (डीडी) नाले को मीठी नदी से जोड़ता है और पश्चिम रेलवे तथा मध्य रेलवे दोनों के क्षेत्र से होकर गुजरता है। यह मुंबई के सबसे चुनौतीपूर्ण ड्रेनेज प्वाइंट्स में से एक माना जाता है। लंबे समय से इसमें मीथेन सहित जहरीली गैसें जमा होने के कारण सफाई का काम बेहद मुश्किल बना हुआ था।

पिछले कई मानसून में डाउन और अप लोकल दोनों लाइनों पर बार-बार जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी। हालांकि ट्रेन ऑपरेशन पर कोई प्रभाव नहीं था। देतें एनालिसिस से कई कारण सामने आए थे, लेकिन अब कलवर्ट की सफाई के बाद नाले की वहन क्षमता भी बहाल हो गई है। डी-सिल्टिंग के अलावा रेलवे ने इस क्षेत्र में पटरियों की ऊंचाई बढ़ाने, ड्रेनेज नेटवर्क का विस्तार करने तथा निगरानी प्रणाली स्थापित करने का काम भी किया है।
विनीत अभिषेक, सीपीआरओ, पश्चिम रेलवे

सुपर सकर मशीनों का हुआ इस्तेमाल

रेलवे के एक वरिष्ठ इंजीनियर ने बताया कि जब भी इस कलवर्ट की सफाई का प्रयास किया जाता था, अंदर मौजूद जहरीली गैसों (मीथेन) के कारण सफाईकर्मियों की सुरक्षा को खतरा रहता था। इस वर्ष पहली बार कलवर्ट के भीतर ऑक्सीजन पंप कर वातावरण को सुरक्षित बनाया गया, जिसके बाद कर्मचारी अंदर जाकर सफाई कार्य कर सके। ऑक्सीजन प्रवाह के लिए बीएमसी के सहयोग से व्यापक डी-सिल्टिंग और सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान सुपर सकर मशीनों की मदद से बड़ी मात्रा में जमा गाद, मलबा और तैरता हुआ कचरा हटाया गया, जिससे जल निकासी क्षमता काफी प्रभावित हुई

अहम प्वाइंट

2025-26 में किया गया काम
माइक्रो टनलिंग – 4
ड्रेन कंस्ट्रक्टेड -2 .5 KM
ड्रेन दुरुस्ती – 2.3 KM
ड्रेन की साफसफाई – 60 KM
कल्वर्ट की साफसफाई – 58
डी वाटरिंग पंप लगाए गए – 126
ट्रैक लिफ्टिंग : माटुंगा, वसई

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