सोशल मीडिया के दौर में इंदौर के मां-बाप अपने ही बच्चों की इस सनकी जिद से कांप उठे हैं। बाल विवाह रोकने निकली टीम के सामने अब जो नया संकट आया है, उसने अफसरों के भी होश उड़ा दिए हैं।
इंस्टाग्राम-फेसबुक के साइड इफेक्ट, शादी की जिद कर रहे बच्चे
इंदौर: जिले का महिला एवं बाल विकास विभाग इन दिनों एक बेहद अजीब और संवेदनशील चुनौती से जूझ रहा है। अब मामला सिर्फ चुपके से होने वाली शादियों को रोकने का नहीं रह गया है। अब लड़ाई उन नाबालिगों से है, जो सोशल मीडिया पर प्यार में पड़कर कम उम्र में ही घर बसाने की कसम खा चुके हैं।
15 साल की लड़की को हुआ प्यार
ऐसा ही एक मामला इंदौर के रंगवासा गांव से सामने आया। महज 15 साल की एक लड़की को सोशल मीडिया पर एक लड़के से दोस्ती हुई। कुछ ही दिनों में दोस्ती इस कदर परवान चढ़ी कि लड़की ने घर पर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब मजबूर पिता ने कानून और उम्र का हवाला दिया, तो लड़की ने घर छोड़ने की धमकी दे डाली। डरे-सहमे पिता ने तुरंत चाइल्ड मैरिज हेल्पलाइन से संपर्क किया।
इसके बाद अधिकारियों ने घर पहुंचकर मोर्चा संभाला। कई दौर की काउंसलिंग के बाद लड़की को पढ़ाई और सेहत का हवाला देकर मनाया गया, तब कहीं जाकर पिता ने राहत की सांस ली।
5 बड़ी बातें:
नया ट्रेंड: अब माता-पिता खुद हेल्पलाइन फोन कर अपने बच्चों की जिद से बचाने की गुहार लगा रहे हैं।
सोशल मीडिया का जाल: ज्यादातर मामलों में लड़के-लड़कियों की दोस्ती फेसबुक या इंस्टाग्राम के जरिए हुई है।
लिव-इन की जिद: बालिग होने का इंतजार करने के बजाय बच्चे अभी से साथ रहने की जिद पर अड़ रहे हैं।
काउंसलिंग बनी हथियार: कड़े कानूनी एक्शन के बजाय अधिकारी बच्चों को प्यार से समझाकर उनका मन बदल रहे हैं।
मैदान में आंगनवाड़ी: बच्चों को घर छोड़कर भागने से रोकने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लगातार होम विजिट के निर्देश दिए गए हैं।
यह संकट किसी एक घर का नहीं है। उड़न दस्ते के प्रभारी बताते हैं कि जब वे समझाते हैं, तो बच्चे तर्क देते हैं कि वे बालिग होने तक इंतजार नहीं कर सकते। फिलहाल इंदौर पुलिस के साथ मिलकर स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि इस भावनात्मक संकट को शुरुआत में ही रोका जा सके।

