स्मार्ट सिटी अहमदाबाद के दावों की खुली पोल, दूषित पानी से जनता त्रस्त, सत्ताधारी दल पर उठे सवाल
अहमदाबाद | पवन माकन
वर्ल्ड हेरिटेज सिटी और स्मार्ट सिटी के बड़े-बड़े दावे करने वाले अहमदाबाद नगर निगम (AMC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के कई इलाकों में लंबे समय से पीने के पानी में सीवर का गंदा और रासायनिक रूप से दूषित पानी आने की शिकायतें सामने आ रही थीं। नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने के बावजूद प्रशासन कथित रूप से निष्क्रिय बना हुआ था।
हालांकि जब यह मामला दिल्ली तक पहुंचा और उच्च स्तर पर चर्चा का विषय बना, तब जाकर एएमसी प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद निगम ने जल्दबाजी में एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है।
नई SOP के अनुसार यदि किसी एक क्षेत्र से दूषित पानी की कम से कम 5 शिकायतें दर्ज होती हैं, तो नगर निगम को 6 घंटे के भीतर समस्या का समाधान करना होगा। लेकिन प्रशासन की इस नई व्यवस्था को लेकर भी नागरिकों में असंतोष दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी एक परिवार के घर में दूषित पानी पहुंच रहा है तो क्या उसकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा? नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन पांच शिकायतों या किसी संभावित बीमारी के फैलने का इंतजार करेगा, तब जाकर कार्रवाई होगी?
अहमदाबाद में लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का शासन रहा है। नगर निगम के पास करोड़ों रुपये का बजट होने के बावजूद शहर के कई क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही की कमी के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
शहर के विभिन्न इलाकों में दूषित पानी और गंदगी की समस्या को लेकर लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया। कई स्थानों पर महिलाओं ने खाली बर्तन लेकर विरोध प्रदर्शन किया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचने वाले नेता अब इस गंभीर समस्या पर चुप्पी साधे हुए हैं। लोगों ने मांग की है कि पेयजल व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और शहरवासियों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए स्थायी समाधान लागू किया जाए।
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि आने वाले दिनों में समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

