12 जून 2025 को हुए अहमदाबाद प्लेन क्रैश को एक साल पूरा होने वाला है। हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि दुर्घटना पायलट की गलती से हुई थी या विमान में किसी तकनीकी खराबी के कारण।
नई दिल्ली: 12 जून, 2025 का वह काला दिन, जब एयर इंडिया के बी-787-8 ड्रीमलाइनर प्लेन ने फ्लाइट नंबर एआई-171 के रूप में अहमदाबाद से लंदन के गैटविक के लिए टेकऑफ किया था। उड़ान भरने के चंद सेकंड बाद ही प्लेन क्रैश हो गया था। प्लेन में सवार एक यात्री को छोड़कर सभी 241 यात्री और क्रू मेंबर के अलावा नीचे जमीन पर भी कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
प्लेन में सवार 241 यात्रियों की चली गई थी जान
हादसे को बीते एक साल होने को है। लेकिन अभी तक नागर विमानन मंत्रालय के तहत आने वाले एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की इस मामले में जांच पूरी नहीं हो सकी है। हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को अभी तक यह भी साफ नहीं हो सका है कि आखिर हादसा पायलट की गलती से हुआ या फिर बोइंग के इस एयरक्राफ्ट में ही कोई तकनीकी खराबी आई थी?
बोइंग के प्लेन में आई खराबी की वजह से हुई थी घटना
मामले में एविएशन एक्सपर्ट और सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन के संस्थापक कैप्टन अमित सिंह कई बार कह चुके हैं यह दुर्घटना बोइंग के प्लेन में आई खराबी की वजह से हुई थी। इस मामले में पिछले महीने 20 मई को ही नागर विमानन मंत्री ने जल्द ही फाइनल रिपोर्ट आने की बात कही थी।
‘अपने आप स्विच ऑफ नहीं हो सकते’
दोनो इजन फेल हो गए और प्लेन शुरूआती जांच में कहा गया था कि हादसे की मुख्य वजह प्लेन के फ्यूल कंट्रोल स्विच का रन से कट ऑफ हो जाना रहा। जिससे प्लेन के एक के बाद एक करके क्रैश कर गया। इशारा किया गया था कि स्विच अपने आप ऑन से ऑफ मोड में नहीं आ सकता, यानी इसे किसी मानव हस्तक्षेप द्वारा ही ऐसा किया जा सकता है। अब ऐसा पायलट ही कर सकते थे।

