Homeभारतदिल्लीदिल्ली में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से रुपये वसूलने वाले गिरोह पर शिकंजा, सरगना...

दिल्ली में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से रुपये वसूलने वाले गिरोह पर शिकंजा, सरगना की पत्नी गिरफ्तार; मिली करोड़ों की संपत्ति

दिल्ली में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से उगाही करने वाले गिरोह पर पुलिस का बड़ा शिकंजा कस गया है। गैंग के सरगना की पत्नी को मकोका के तहत गिरफ्तार किया गया है। जांच में उसके नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्तियां मिलने से अवैध कमाई के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

नई दिल्ली: दिल्ली में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से जबरन वसूली करने वाले संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच ने गैंग के सरगना राज कुमार उर्फ राकेश की पत्नी सुरेखा रानी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे मकोको के तहत गिरफ्तार कर चार दिन की रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि सुरेखा रानी के नाम पर वर्ष 2022 से 2025 के बीच कई करोड़ रुपये की सात अचल संपत्तियां खरीदी गईं। आयकर रिटर्न के अनुसार उसकी वार्षिक आय पांच लाख रुपये से भी कम थी, जबकि 2022-24 के दौरान उसने 1.3 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां अर्जित कीं।

सुरेखा रानी के पास करोड़ों की संपत्ति

डीसीपी अपराध संजीव यादव के नेतृत्व में जांच कर रही पुलिस टीम ने अपनी ध्यान उसके वित्तीय नेटवर्क पर फोकस किया, जहां से उसे अवैध गतिविधियों को संचालित करने के लिए फंड मिल रहा था। स्थानीय मुखबिरों और निवासियों की मदद से पुलिस ने मीणा की कई अवैध संपत्तियों के बारे में पता किया है। दिल्ली पुलिस ने अदालत में कहा, ‘स्वामित्व दस्तावेजों, उपयोगिता रिकॉर्डों के सत्यापन और मौजूदा किरायेदारों से पूछताछ में चौंकाने वाली संपत्तियों के बारे में जानकारी मिली है।’

पुलिस जांच में सामने आया कि सुरेखा रानी के नाम पर वर्ष 2022 से 2025 के बीच कई करोड़ रुपये की सात अचल संपत्तियां खरीदी गईं। आयकर रिटर्न के अनुसार उसकी वार्षिक आय पांच लाख रुपये से भी कम थी, जबकि 2022-24 के दौरान उसने 1.3 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां अर्जित कीं।

क्राइम ब्रांच के अनुसार, इन संपत्तियों से मिलने वाला किराया भी सुरेखा रानी ही वसूल रही थी, जिससे वह केवल नाममात्र की मालिक नहीं बल्कि गैंग की अवैध कमाई की सक्रिय लाभार्थी साबित हुई। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को भी फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया है।

जांच एजेंसियों का दावा है कि यह सिंडिकेट राजधानी में ट्रैफिक नियमों के समानांतर एक अवैध व्यवस्था चला रहा था। गैंग कथित तौर पर वाहन चालकों से 2,000 से 5,000 रुपये मासिक लेकर उन्हें पुलिस चालान और नो-एंट्री प्रतिबंधों से बचाने का आश्वासन देता था।

ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को करते थे ब्लैकमेल

पुलिस के अनुसार, गैंग के सदस्य ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल भी करते थे। कुछ मामलों में रिश्वत लेते हुए वीडियो रिकॉर्ड किए जाते थे, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर परेशान किया जाता था।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments