पंजाब में अकेले दम पर चुनावी मजबूती की तैयारी, ओबीसी समीकरण और मजबूत नेतृत्व के सहारे भाजपा की नई रणनीति
चंडीगढ़। पंजाब में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने व्यापक रणनीति तैयार की है। भाजपा ने राज्य में संगठन और जनाधार बढ़ाने के उद्देश्य से हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तिकड़ी को चुनावी मैदान में सक्रिय किया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा पंजाब में कानून-व्यवस्था, विकास और मजबूत नेतृत्व को प्रमुख मुद्दा बनाकर जनता के बीच पहुंच रही है। इसी रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के प्रशासनिक मॉडल और पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी की आक्रामक राजनीतिक शैली को भी प्रचार अभियान में प्रमुखता से पेश किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिछले पांच महीनों में पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों का लगातार दौरा किया है। इन दौरों के माध्यम से भाजपा ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की नजर पंजाब के लगभग 33 प्रतिशत ओबीसी मतदाताओं पर है। नायब सिंह सैनी स्वयं ओबीसी समुदाय से आते हैं, जिसके चलते पार्टी उन्हें इस वर्ग के बीच प्रभाव बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप रही है।पंजाब की राजनीति में लंबे समय तक भाजपा शिरोमणि अकाली दल के सहयोगी दल के रूप में चुनाव लड़ती रही है, लेकिन अब पार्टी राज्य में स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के रूप में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रही है। इसी उद्देश्य से भाजपा सभी सीटों पर अपनी उपस्थिति मजबूत करने और नए सामाजिक समीकरण तैयार करने में जुटी हुई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ओबीसी सोशल इंजीनियरिंग, राष्ट्रीय सुरक्षा और मजबूत नेतृत्व के मुद्दों के सहारे भाजपा पंजाब की पारंपरिक राजनीतिक तस्वीर में बदलाव लाने का प्रयास कर रही है। इस रणनीति ने राज्य की अन्य राजनीतिक पार्टियों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।

